स्मार्ट सिटी योजना के तहत ताजमहल के आसपास के क्षेत्र को अब स्मार्ट बनाने की तैयारी चल रही है। सौंदर्यीकरण के साथ-साथ पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए न सिर्फ फव्वारे लगाए जाएंगे बल्कि सड़क पर रेडियम रिफ्लेक्टर और दीवारों पर रेड सेंड स्टोन लगाए जाएंगे।
ताज के पश्चिमी गेट से पूर्वी गेट तक क्षेत्र पूरी तरह से बदला नजर आएगा। सपा सरकार के दौरान ताजगंज प्रोजेक्ट के तहत लगभग दो सौ करोड़ रुपये से ताजमहल के आसपास के क्षेत्र को चमकाया गया था। गिट्टी की सड़क उखाड़ कर यहां काफी महंगे पत्थर लगाए गए थे।
किनारों पर हरियाली और लैंप पोस्ट खड़े किए गए। मगर, अब इस क्षेत्र में चार चांद लगाने के लिए स्मार्ट सिटी योजना के तहत कई और कार्य कराए जाने की तैयारी है। इसके लिए आगरा विकास प्राधिकरण, नगर निगम, स्मार्ट सिटी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम सर्वे कर रही है।
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि स्मार्ट सिटी योजना में ताजगंज क्षेत्र को ही पहले विकसित करने के लिए चुना गया है। इस क्षेत्र में अधिकांश कार्य पहले ही हो चुके हैं। ऐसे में कुछ और कार्य करके इसे स्मार्ट बनाने की तैयारी है।
सर्वे करने वाली टीम ताजमहल के पश्चिमी गेट से पूर्वी गेट के बीच में और क्या-क्या कार्य हो सकते हैं, इसका मूल्यांकन कर रही है।
इसमें सबसे पहले पश्चिमी गेट से पूर्वी गेट के बीच के मकान, दुकान और अन्य दीवारों को एक ही रंग में रंगने के साथ ही पुराने निर्माणों पर रेड सेंड स्टोन लगाया जाएगा।
टीम रिपोर्ट तैयार कर रही है
पर्यटकों को लुभाने के लिए कटरा फुलेल या कुत्ता पार्क के आसपास फव्वारा भी होगा। इतना ही नहीं रात के समय सड़क दूर से ही चमके इसके लिए रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे।
चूंकि यह कार्य ताजमहल के आसपास ही होने हैं, ऐसे में इनके लिए पुरातत्व विभाग की अनुमति की जरूरत होगी। इसलिए सर्वे टीम यह रिपोर्ट भी तैयार कर रही है कि कहां निर्माण कार्य होना है।
इसके अलावा कहां मरम्मत कार्य होना है। ताकि इसी के हिसाब से अनुमति ली जाए। जल्द ही यह रिपोर्ट प्रशासन के समक्ष रखी जाएगी।