करहल के गांव नगला कंचन का बदहाल मार्ग।
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मैनपुरी। आचार संहिता लागू होने से जिले में 22 करोड़ से होने वाले निर्माण कार्य अटक गए हैं। विकास कार्यों के लिए अनुमोदित की गई धनराशि से सड़कों और नालों के साथ ही पुलिया का निर्माण होना था। अब लोगों को सुविधा पाने के लिए इंतजार करना होगा।
विधानसभा चुनाव 2022 के लिए आचार संहिता लागू होने का असर विकास कार्यों पर भी पड़ा है। जिले में लगभग 22 करोड़ की धनराशि से होने वाले विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। अनुमोदन के बाद वित्तीय स्वीकृति के इंतजार के बीच आचार संहिता लागू हो जाने से वर्कआर्डर जारी नहीं हो सके हैं।
अनुमोदित की गई धनराशि से जिले में विकास कार्यों के दायरे में सड़क निर्माण, सड़क मरम्मत, सड़क जीर्णोद्धार के साथ ही प्रस्तावों के मुताबिक नालों और पुलियों का निर्माण भी प्रस्तावित किया गया था। अब आचार संहिता के चलते विकास कार्य प्रभावित होने से लोगों का इंतजार बढ़ गया है।
जिन विकास कार्यों के लिए टेंडर स्वीकृत हो गए हैं, जिनका वर्कआर्डर जारी हो चुका है वह कार्य आचार संहिता के दायरे में नहीं आएंगे। जिन विकास कार्यों पर काम शुरू हो चुका है, वह कार्य जारी रहेंगे। नए कार्यों को शुरू नहीं कराया जाएगा।
आचार संहिता लागू होने का जिला पंचायत सहित ग्राम्य विकास विभाग पर असर पड़ा है। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए शुरू की गई लगभग दो करोड़ के विकास कार्यों की प्रक्रिया पर जहां असर पड़ा है। वहीं जिला पंचायत द्वारा कराए जाने वाले लगभग 20 करोड़ के विकास कार्य भी आचार संहिता से प्रभावित हुए हैं।