आगरा नगर निगम की हीलाहवाली के कारण लोगों को त्योहारी सीजन में टूटी सड़कों पर ही सफर करना होगा। सीएम योगी आदित्यनाथ के 15 अक्तूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के आदेश के बाद निगम ने शहर की टूटी सड़कों का सर्वे कराकर उन्हें चिह्नित तो कर लिया, लेकिन टेंडर प्रक्रिया ही शुरू नहीं की।इससे लोगों को कमरतोड़ गड्ढों से होते हुए त्योहारी सीजन में सामान लादकर बाजार से घर जाना होगा।
बारिश में शहर की कई सड़कें जर्जर हो गईं। लोगों की परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री से लेकर जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने 15 अक्तूबर से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए थे। लक्ष्य था कि त्योहारी सीजन में घर से निकलने वालों को परेशानी का सामना न करना पड़े। शासन के निर्देश के बावजूद निगम प्रशासन अपनी चाल चलता रहा। आम लोगों से लेकर पार्षदों तक ने नाराजगी जताई तो पहले गड्ढों को मलबा और गिट्टी डालकर भरा गया, लेकिन बारिश में वह भी बह गया।
नगर निगम ने सर्वे कराकर 24 किलोमीटर टूटी सड़कों को चिह्नित कर लिया। पहले चरण में 13 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत के टेंडर के लिए उच्चाधिकारियों के पास प्रस्ताव भेजा गया, जिसे अनुमति नहीं मिल सकी। इससे टेंडर प्रक्रिया नहीं हो सकी। टेंडर के लिए न्यूनतम 15 दिन चाहिए होते हैं और निगम 30 सितंबर तक टेंडर प्रक्रिया शुरू ही नहीं कर सका। ऐसे में लोग टूटी सड़कों पर ही त्योहार मनाएंगे।
जिम्मेदारोें पर होगी कार्रवाई
महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने बताया कि सड़कें गड्ढामुक्त करने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे थे। टेंडर प्रक्रिया ही शुरू न होना बेहद शर्मनाक है। नगर आयुक्त से जवाब तलब कर जो भी जिम्मेदार है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सड़कों को जल्द गड्ढामुक्त कराया जाएगा।
इन सड़कों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब
नेहरू नगर, सेंट जोंस से लोहामंडी मार्ग, लॉयर्स काॅलोनी, केदार नगर, आवास विकास सिकंदरा, भावना एस्टेट रोड, शमशाबाद रोड, शास्त्रीपुरम, दहतोरा, 100 फुटा रोड, टेढ़ी बगिया, नाऊ की सराय आदि।