उप परिवहन आयुक्त ने बुधवार को आरटीओ कार्यालय का निरीक्ष किया। उनके पहुंचने से पहले ही आरटीओ कार्यालय में सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं थीं। कार्यालय में सन्नाटा पसर गया था।
संभागीय परिवहन कार्यालय में बुधवार को उप परिवहन आयुक्त विदिशा सिंह ने निरीक्षण किया। उनके आगमन से पहले ही विभाग में तैयारी हो गई थी। साफ-सफाई से लेकर हर पटल पर कर्मचारी माैजूद थे। मगर अपने काम कराने आए लोगों को बाहर कर दिया गया। पटल पर लोग नजर नहीं आए। पूरा कार्यालय खाली दिखा।
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आम दिनों में आरटीओ कार्यालय में लोगों की भीड़ रहती है। लाइसेंस बनवाने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचते हैं। दलाल भी सक्रिय रहते है। इधर, उप परिवहन आयुक्त के निरीक्षण की कई दिन पहले से चर्चा थी। वह दोपहर में 12:30 बजे कार्यालय पहुंचीं थीं। उन्होंने सभी पटलों को देखा। इस दाैरान विभागीय कर्मचारी आईडी कार्ड गले में लटकाए दिखे। वहीं जिन पटल पर ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य कार्य किए जाते हैं, उन पर कोई भी नजर नहीं आया।
इक्का-दुक्का लोग खड़े हुए थे। हालांकि कार्यालय के गेट के पास बड़ी संख्या में लोग खड़े दिखे। निरीक्षण के दाैरान कोई भी कार्यालय के अंदर नहीं आ रहा था। चर्चा रही कि निरीक्षण को देखते हुए कार्यालय में आने वाले लोगों को पहले ही बाहर कर दिया गया था। उप परिवहन आयुक्त ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया आसान हो गई है। लोग जनसुविधा केंद्र की मदद से आवेदन कर सकते हैं।
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इसके बाद टेस्ट की प्रक्रिया पूरी कराई जाती है। अगर लोगों को किसी तरह की समस्या है तो वो अधिकारियों के कार्यालय में आकर शिकायत कर सकते हैं। अगर लाइसेंस बनवाने का कोई बाहरी व्यक्ति प्रलोभन देता है तो शिकायत करें। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दाैरान आरटीओ अरुण कुमार, एआरटीओ आलोक अग्रवाल, एआरटीओ सत्येंद्र सिंह आदि माैजूद रहे।