उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों के ड्यूटी कार्ड जारी होने में देरी पर उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने यूपी बोर्ड में सहयोग न करने वाले कॉलेज पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उप शिक्षा निदेशक शिविर कार्यालय लखनऊ की जांच रिपोर्ट के बाद उपमुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि बोर्ड परीक्षा में जो कॉलेज सहयोग नहीं कर रहे हैं उनकी सूची तैयार की जाए। उन्हें भविष्य में किसी भी परीक्षा के लिए डिबार रखा जाए।
18 फरवरी से यूपी बोर्ड परीक्षा शुरू होने जा रही है। बोर्ड परीक्षा के लिए मैनपुरी जिले में 2865 कक्ष निरीक्षकों की जरूरत है। इसमें से 952 शिक्षक परिषदीय स्कूलों से मांगे गए हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित कॉलेजों से 1913 शिक्षक-शिक्षिकाएं तैनात किए गए हैं।
कॉलेजों के प्रधानाचार्य इन शिक्षक-शिक्षिकाओं की सूची और कार्ड उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। इसके चलते बोर्ड परीक्षा के कक्ष निरीक्षकों के ड्यूटी कार्ड जारी नहीं हो पा रहे हैं। अभी तक मात्र 400 कक्ष निरीक्षकों के ही कार्ड जारी हो सके।
जिले में तीन दिन के भ्रमण पर आए उप शिक्षा निदेशक विवेक नौटियाल की रिपोर्ट के बाद उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने जिला प्रशासन के लिए पत्र जारी कर कड़े निर्देश जारी किए हैं।
'कार्रवाई के लिए रहें तैयार'
प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक रघुराज सिंह पाल ने कहा कि अधिकतर निजी कॉलेजों ने अभी तक शिक्षकों की सूची और कार्ड जमा नहीं किए हैं। इससे दिक्कत आ रही है। शासन और प्रशासन इसको लेकर सख्त है। जिन कॉलेजों ने अभी तक सूची व कार्ड जमा नहीं किए हैं वे दो दिन के अंदर जमा कर दें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए दिए कड़े निर्देश
शनिवार की रात उपमुख्यमंत्री ने यूपी बोर्ड परीक्षा की वीडियो कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान परीक्षा को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए। परीक्षा के दौरान यदि कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो परीक्षा में लगे सभी अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
आंकड़ों की नजर से
- 91 परीक्षा केंद्रों पर होगी यूपी बोर्ड परीक्षा
- 1913 शिक्षक माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों से होने हैं तैनात
- 400 को ही अभी तक जारी किए जा सके हैं ड्यूटी कार्ड
- 952 शिक्षक बोर्ड परीक्षा के लिए बेसिक स्कूलों से करेंगे सहयोग