मैनपुरी। डेंगू का कहर जिले में बढ़ता जा रहा है। सोमवार को नगला निरंजन की दो बहनों में डेंगू होने की पुष्टि हुई है। इससे उनके परिवार में दशहत का माहौल हो गया है। इसके अलावा एक दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराई गई डेंगू पीड़िता महिला की हालत बिगड़ने पर सैफई के लिए रेफर कर दिया गया। अब तक जिले में डेंगू से मरने वालों की 11 पहुंच गई है।
शहर के निगला निरंजन निवासी दो सगी बहनों जीनत(14) और निशा (17) को बुखार आने पर जिला अस्पताल में दिखाया गया था। खून जांच के दौरान दोनों में डेंगू की पुष्टि हुई है। दोनों का जिला अस्पताल में ही उपचार चल रहा है।
इसके अलावा एक दिन पहले जिला अस्पताल में नगला पजाबा निवासी नारायणी देवी को भर्ती कराया गया था। उनमें भी डेंगू की पुष्टि होने पर उपचार चल रहा था, लेकिन सोमवार को हालत बिगड़ने पर उन्हें सैफई रेफर कर दिया गया। जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
वायरल बुखार से पीड़ित वृद्ध ने तोड़ा दम
गांव संसारपुर निवासी सुघर सिंह (65) को चार दिनों से वायरल बुखार आ रहा था। निजी चिकित्सक के यहां उपचार के बाद 28 सितंबर को उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां सोमवार को उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों का कहना है कि बुखार के साथ-साथ सुघर सिंह अस्थमा से भी पीड़ित थे। उन्हें नाजुक हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
35 मरीज हुए भर्ती
वायरल बुखार का कहर दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार को इससे पीड़ित 35 लोगों को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में उपचार के लिए लाया गया। इनमें से चार लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें सैफई रेफर कर दिया गया। वहीं अन्य का जिला अस्पताल में ही उपचार चल रहा है।
डेंगू की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को उपचार दे रही हैं। डेंगू मरीजों को भी पर्याप्त इलाज दिया जा रहा है। इसके बाद भी कुछ मरीजों में लक्षण मिले हैं। उन्हें भी उपचार दिया जा रहा है।
-डॉक्टर एके पांडेय, सीएमओ