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डेंगू की रिपोर्ट को अब चार दिन करना होगा इंतजार

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जिला अस्पताल में भर्ती मरीज - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। डेंगू को लेकर हो रही फजीहत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जांच कार्ड से करोन पर रोक लगा दी है। अब एलाइजा से मरीजों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट आने में तीन से चार दिन लग रहे हैं। इससे मरीजों की परेशानी बढ़ रही है।
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आए दिन उच्चाधिकारी डेंगू को लेकर जवाब मांग रहे थे। इसके बाद सीएमओ ने जिले में डेंगू टेस्ट के लिए कार्ड से होने वाली जांच पर रोक लगा है। उन्होंने सीएमएस को निर्देश दिए हैं कि सिर्फ एलाइजा टेस्ट से ही डेंगू के मरीजों की जांच कराई जाए। कार्ड से डेंगू की जांच रिपोर्ट जहां कुछ ही घंटों में मिल जाती थी, वहीं एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट तीन से चार दिन बाद मिल रही है। इतना इंतजार करने के बजाय मरीज निजी पैथोलॉजी पर जाने को मजबूर हैं।
क्या है एलाइजा टेस्ट
जिले में डेंगू के टेस्ट की व्यवस्था सिर्फ जिला अस्पताल में ही है। यहां एलाइजर के माध्यम से एलाइजा टेस्ट किया जा रहा है। इसके लिए एलाइजा किट की व्यवस्था की गई है। एक किट से 92 मरीजों का टेस्ट किया जा सकता है। किट से अधिक से अधिक मरीजों की जांच की जा सके, इसलिए कम से कम 30 से 40 जांच पर ही इस टेस्ट की रिपोर्ट होती है। इसके लिए कर्मचारियों को दो से तीन दिन के मरीजों को इकट्ठा करना पड़ता है। तब तक मरीज की हालत बिगड़ चुकी होती है।
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सीएमओ ने ही उपलब्ध कराए थे कार्ड
सूत्रों के अनुसार सीएमओ ने स्वयं डेंगू जांच के लिए जिला अस्पताल सहित सीएचसी और पीएचसी पर कार्ड उपलब्ध कराए थे। अब तक जिला अस्पताल की लैब में कार्ड से की गई एक भी जांच एलाइजा टेस्ट में गलत नहीं निकली। कार्ड से जांच की रिपोर्ट दो घंटे बाद ही मिल जाती थी, जिससे मरीजों को समय से उपचार हो जाता था।
सीएमओ के निर्देश पर कार्ड से जांच करने पर रोक लगा दी गई है। एलाइजर के जरिये ही डेंगू की जांच की जा रही है। आगे जैसे निर्देश मिलेंगे उनका पालन किया जाएगा।
डॉ. आरके सागर , सीएमएस।
कार्ड से की गई जांच अंतिम रिपोर्ट नहीं होती है। कार्ड से जांच के बाद भी एलाइजा टेस्ट कराना पड़ता है। ऐसे में कार्ड खराब हो रहे थे। जब अंतिम रिपोर्ट एलाइजा की ही मान्य है तो क्यों न केवल एलाइजा से ही जांच कराई जाए। इसी उद्देश्य के कारण एलाइजा किट से ही जांच के निर्देश दिए गए हैं।
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डॉ. एके पांडेय सीएमओ।
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