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गर्मियों की छुट्टी के बाद खुला सरकारी स्कूल, अंदर का मंजर देख दंग रह गए शिक्षक

Mon, 02 Jul 2018 07:19 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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किराये की इमारत में चलता है सरकारी स्कूल - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में गर्मियों की छुट्टी के बाद सोमवार को जब गुड़ की मंडी स्थित प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल खुला तो अंदर का मंजर देखकर शिक्षक दंग गए। स्कूल के कमरे-हॉल और बरामदा टूटे हुए थे।  
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शिक्षकों ने तुरंत बीएसए को इस स्थिति से अवगत कराया। साथ ही थाना एमएम गेट में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर कराई है। स्कूल टूटा होने के कारण पहले दिन बिना पढ़ाई के बच्चे लौटा दिए गए।  

गुड़ की मंडी स्थित नारायण दास की इमारत में प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल की कक्षाएं लगती हैं। नए सत्र के पहले दिन शिक्षक सोमवार सुबह साढ़े सात बजे स्कूल खोलने पहुंचे। 
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बरामदा, कमरे, हाल टूटे मिले

बरामदा, कमरे, हाल टूटे मिले - फोटो : अमर उजाला
गेट खोलते ही अंदर का मंजर देख शिक्षक भौचक्के रह गए। बरामदा, कमरे, हाल टूटे हुए थे, इनकी छत भी तोड़ दी थी। दूसरी मंजिल पर भी ऐसा ही हाल था। यहीं हथोड़ा, रॉड समेत अन्य सामान भी पड़ा हुआ था।
 
स्कूल के शिक्षकों ने बीएसए को स्कूल के कमरे टूटे होने की जानकारी दी। शिक्षक संघ के नेताओं को भी अवगत कराया। यहां टूटे हुए कक्ष और हाल को देख पढ़ाई नहीं हो सकी। शिक्षकों ने बच्चों को घर वापस भेज दिया।

जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक लायकराम शर्मा ने बताया कि 28 जून को स्कूल की साफ-सफाई की थी, तब तक कमरे, हाल सभी ठीक थे। दो जुलाई को यहां सब कुछ टूटा हुआ मिला। 
 

कोर्ट में चल रहा है मामला

स्कूल के शिक्षकगण - फोटो : अमर उजाला
प्राइमरी स्कूल की प्रधानाध्यापिका रश्मि बताती हैं कि प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल में कुल 121 बच्चे अध्ययनरत हैं, इसमें जूनियर हाईस्कूल में 34 और प्राइमरी स्कूल में 87 बच्चे पंजीकृत हैं। 

अध्यापन के लिए प्राइमरी में प्रभारी और तीन शिक्षामित्र हैं। जूनियर हाईस्कूल में दो शिक्षक हैं। इस इमारत में पिछले लगभग 70 साल से दोनों स्कूल चल रहे हैं। इस इमारत से स्कूल खाली करने के लिए कोर्ट में मामला भी चल रहा है। 

वहीं बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा का कहना है कि स्कूल में तोड़फोड़ की जानकारी मिली है। कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बच्चों की पढ़ाई के लिए व्यवस्था की जाएगी। 
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बच्चों की पढ़ाई होगी प्रभावित

स्कूल के लगभग सभी कमरों और हाल की छत को तोड़ दिया है। दीवार भी गिरा दी हैं। ऐसे में बच्चों को बैठाने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। अन्य भवनों की हालत भी जर्जर है। 

शिक्षक इस बात को लेकर डरे हुए हैं कि जर्जर इमारत में बच्चों के साथ कोई हादसा न हो जाए। प्राथमिक शिक्षक संघ के नगर मंत्री राजीव वर्मा ने बताया कि स्कूल की इमारत को तोड़ा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होगी
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