कार्रवाई के विरोध में ईंट-पत्थर लेकर खड़ी हुई महिलाएं
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मथुरा के गोवर्धन में दानघाटी मंदिर के समक्ष आरती स्थल को तोड़ने के बाद सेवायतों के विरोध के बावजूद अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई रुक नहीं रही है। शनिवार को प्राधिकरण की टीम ने पुलिस बल के साथ गिरिराज परिक्रमा क्षेत्र की राधिका विहार कालोनी में चार मकान गिरा दिए। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान चला।
एनजीटी के आदेश पर विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माण चिन्हित किया जा चुका है। इन्हें ध्वस्त करने की प्रक्रिया के तहत शनिवार को प्राधिकरण की टीम जेसीबी और पुलिस बल के साथ राधाकुंड में राधिका विहार कालोनी पहुंची। पुलिस बल को देख तोड़फोड़ की संभावना लगते ही स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। जैसे ही हेमराज के मकान की ओर जेसीबी बढ़ी उनकी पत्नी कुसुम देवी मकान की छत पर चढ़ गई।
हाथों में ईंट लेकर अधिकारियों से कहने लगी, जो भी मकान को तोड़ेगा मैं उसका सिर फोड़ दूंगी। इस पर प्राधिकरण के अधिकारियों ने कुसुम को अपना मकान स्वयं गिराने के लिए दो दिन का वक्त दिया। इसके बाद महेश चंद्र शर्मा के मकान का आगे का हिस्सा गिरा दिया। बाकी के लिए उन्हें चार दिन का वक्त दिया गया।
इसी तरह सुरेश चंद को भी तीन दिन तथा मंगल सिंह को 24 घंटे का समय दिया गया। इनके मकानों में कुछ तोड़फोड़ भी की गई। इस दौरान विकास प्राधिकरण की टीम में कौशलेंद्र चौधरी, दिनेश गुप्ता, सुनील गुप्ता, अशोक चौधरी, राकेश मल्होत्रा, अनिरुद्ध यादव, मनीष तिवारी, गोवर्धन थाना प्रभारी सुभाष कुमार पांडे पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।