आगरा। राजस्थान की ओर से धूल भरी हवाओं के साथ आने वाले सूक्ष्म धूल कणों (एसपीएम) को रोकने के लिए फतेहपुर सीकरी चेयरमैन ने ताज ट्रेपेजियम जोन प्राधिकरण को पत्र लिखा है। उन्होंने तेरहमोरी बांध के क्षतिग्रस्त गेट की मरम्मत और उसमें जल संचय की व्यवस्था करने की मांग की है। इससे भूजल स्तर और हरियाली विस्तार में वृद्धि हो सकेगी।
फतेहपुर सीकरी नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष शबनम इस्लाम ने पत्र में लिखा है कि ताज ट्रेपेजियम जोन में सूक्ष्म धूल कणों (एसपीएम) के प्रकोप से सबसे अधिक प्रभावित फतेहपुर सीकरी क्षेत्र है। वह प्रदूषणकारी के साथ जनस्वास्थ्य के लिए घातक हैं। टीटीजेड राजस्थान की सीमा से सटे होेने के कारण रेगिस्तानी धूल भरी हवाओं से वायु प्रदूषण में सबसे अधिक योगदान पीएम-2.5 माइक्रोन के सूक्ष्म कणों का होता है।
तेरहमोरी बांध चालू किया जाए
उन्होंने टीटीजेड प्राधिकरण से मांग की है तेरहमोरी बांध की क्षेत्र में भूजल स्तर को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जब से बांध के गेट क्षतिग्रस्त हुए हैं, तब से हैंडपंप से पानी आना बंद हो गया है। इसलिए बांध को फिर से चालू कराने के लिए उप्र सिंचाई विभाग के तृतीय मण्डल को निर्देशित करे। बांध में जल रहेगा तो भूजल स्तर में सुधार और हरियाली विस्तार होगा। इसलिए टीटीजेड प्राधिकरण संबंधित विभागों को उचित प्रबंधन करने के लिए निर्देशित करें।
बाढ़ का पानी बहकर हो गया बर्बाद
सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा के सेक्रेटरी अनिल शर्मा ने कहा है कि मानसून में बाढ़ के दौरान राजस्थान सरकार बांध का पानी छोड़ती है तो वह नदी और तेरहमोरी बांध के जरिए एकत्र हो सकता है। इससे पूरे साल के लिए पानी मिलेगा। सिविल सोसाइटी ने फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के लिए पूर्व चेयरमैन इस्लाम, राजेंद्र शुक्ला, धर्म सिंह महोरा, असलम सलीमी आदि के साथ संवाद किया।