फोटो 16 संवाद कार्यक्रम में मौजूद जीएसटी और टैक्सेशन बार एसोसिएशसन के पदाधिकारी व अधिकारी। स्रो
मैनपुरी। जीएसटी विभाग और टैक्सेशन बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को जिला कार्यालय पर सामूहिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर के व्यापारियों, जीएसटी विभाग के अधिकारियों, अधिवक्ताओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। जीएसटी व्यवस्था में आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान का निर्णय लिया गया। साथ ही ब्याज एवं पेनल्टी माफी योजना लागू करने की भी मांग उठी।
प्रांतीय सदस्य एड. राजीव कुलश्रेष्ठ ने कहा कि विभाग को किसी भी एकपक्षीय आदेश पारित करने से पूर्व संबंधित व्यापारी को फोन अथवा व्यक्तिगत माध्यम से अवगत कराना चाहिए। इससे कि अनावश्यक विवादों से बचा जा सकें। टैक्सेशन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एड. अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि विभाग को एमआरपी संबंधी अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना चाहिए। सूर्यकांत मिश्रा ने जीएसटी पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं सुगम बनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। विकास नंदन कुलश्रेष्ठ ने सुझाव दिया कि यदि किसी कारणवश जीएसटी-3बी रिटर्न विलंब से दाखिल हो जाएं तो लेट फीस माफी योजना लागू करनी चाहिए।
दूरी कम करने के लिए व्यापारियों व अधिकारियों में संवाद जरूरी
व्यापारी नीरज बैजल ने कहा कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इनके माध्यम से व्यापारियों और अधिकारियों के बीच की दूरी कम होती है। लक्ष्मी नारायण तापड़िया ने मांग की कि वर्ष 2020-21 से संबंधित मामलों में भी ब्याज एवं पेनल्टी माफी योजना लागू की जानी चाहिए। संवाद कार्यक्रम में व्यापारियों एवं कर सलाहकारों ने करीब 28 विभिन्न समस्याएं और सुझाव विभाग के सामने रखे, जिनका डीसी, खंड-3 प्रशांत सक्सेना ने समाधान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीसी राधेश्याम ने और संचालन मनोज सक्सेना ने किया। इस दौरान जीनत परवीन, निधि दीक्षित, एड. पवन मिश्रा, व्यापारी शिवरत्न तापड़िया, एड. अखिलेश गुप्ता, एड. अमित जौहरी, घनश्याम गुप्ता, एड. पारस दुबे आदि मौजूद रहे।