आगरा। अगले सत्र में उत्तर प्रदेश प्रीमियर लीग में दो टीमों के बढ़ाए जाने की खबरों ने आगरा के क्रिकेट जगत में नई उम्मीद और ऊर्जा भर दी है। लीग में दो नई टीमों को शामिल किए जाने की तैयारी के बीच शहर की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है, लेकिन आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सीईओ अंकित चटर्जी से फोन पर बातचीत की गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दो टीमों को बढ़ाने को लेकर चर्चा जारी है। हालांकि अंतिम निर्णय एसोसिएशन की शीर्ष बॉडी को करना है। अभी कुछ और इंतजार करना होगा, उन्होंने कहा।
आगरा की दावेदारी क्यों मजबूत?
आगरा लंबे समय से प्रदेश क्रिकेट में अपनी उपस्थिति दर्ज कराता रहा है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं से लेकर इंटेनेशनल स्तर तक यहां के खिलाड़ियों ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। क्रिकेट अकादमियों की बढ़ती संख्या और युवा प्रतिभाओं का उभार भी शहर की दावेदारी को मजबूत करता है। साथ ही ऐतिहासिक शहर और यहां अच्छे होटल आदि की सुविधा भी इसकी दावेदारी मजबूत करती है।
यदि आगरा को लीग में स्थान मिलता है तो स्थानीय खिलाड़ियों को बड़े मंच पर खुद को साबित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही शहर में क्रिकेट संरचना और निवेश को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सीईओ के बयान के बाद शहर में उम्मीद की लहर है, लेकिन साथ ही धैर्य भी दिखाई दे रहा है। कोचों और खिलाड़ियों का कहना है कि यह मौका आगरा के क्रिकेट इतिहास में बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।
फिलहाल अंतिम निर्णय एसोसिएशन की बैठक में होना है। आगरा के क्रिकेट प्रेमी सकारात्मक खबर की प्रतीक्षा में हैं, क्या शहर को यूपी प्रीमियर लीग में अपनी टीम के रूप में नई पहचान मिलेगी, यह आने वाला समय ही तय करेगा।