इसरो का ये है प्लान
डॉ. सिकरवार का कहना है कि देश में अगले चार वर्षों में कई हजार स्टार्टअप और इंटरप्रेन्योरशिप खुलने की उम्मीद है। अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों का रुझान बढ़ेगा। तमाम विश्वविद्यालय नए कोर्स भी शुरू करेंगे। चंद्रयान-3 के सफल होने के बाद देश की आय में भी बढ़ोतरी होगी। इसरो आने वाले कुछ वर्षों में अफ्रीका के कई देशों और लैटिन अमेरिका के कम्युनिकेशन सेटेलाइट लॉन्च करेगा।
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खर्च दूसरे देशों की तुलना में कम
इसरो का खर्च नासा या दूसरे देशों की तुलना में काफी कम है। वैश्विक राजनीति में भी देश की धाक बनेगी। हमारा विक्रम लैंडर चंद्रमा के साउथ पोल पर जा रहा है, ऐसा माना जाता है वहां हमेशा अंधेरा रहता है। पानी की उपलब्धता भी वहीं है। चंद्रयान-3 और अधिक खोज करता है तो इसका महत्व और बढ़ जाएगा।
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