Deepti Sharma Life Story: आईसीसी महिला वनडे विश्व कप के फाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार वनडे वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत में आगरा की बेटी दीप्ति शर्मा ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।
आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीतकर बेटियों ने इतिहास रच दिया है। इस ऐतिहासिक जीत की मुख्य नायिका बनकर उभरीं ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा, जो आगरा की रहने वाली हैं। उनके जीवन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण किस्सा है, जिसकी वजह से उनकी पूरी जिंदगी बदल गई।
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शमशाबाद की रहने वाली दीप्ति शर्मा का जन्म 24 अगस्त 1997 को हुआ था। उनके पिता भगवान शर्मा भारतीय रेलवे में कार्यरत थे। उनकी मां सुशीला शर्मा प्रधानाचार्या थीं। दीप्ति ने क्रिकेट की दुनिया में तब कदम रखा, जब इस खेल में लड़कियों के भविष्य को तलाशना एक सपने की तरह लग रहा था। जिन दीप्ति शर्मा ने भारत को विश्व चैंपियन बनाया, उनका सफर आसान नहीं था। लड़कियां क्रिकेट नहीं खेलतीं इस तरह के ताने उनके घरवालों को भी सुनने पड़े। हालांकि दीप्ति की कामयाबी ने सारे भ्रम तोड़कर रख दिए।
एक थ्रो ने बदली जिंदगी
दीप्ति शर्मा के बड़े भाई सुमित शर्मा यूपी के पूर्व तेज गेंदबाज रह चुके हैं। वे बताते हैं कि जब दीप्ति बहुत छोटी थीं, तब एक दिन किक्रेट मैदान पर पहुंची। उन्होंने बोल को थ्रो किया, जो सीधे जाकर विकेट में लगी। ये देख सुमित चौंक गए और अपनी बहन के लिए सपने सजाने लगे। ये सपना अब जाकर साकार हुआ है।
आसान नहीं रहा सफर
बाएं हाथ की खिलाड़ी दीप्ति शर्मा मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने तक का सफर उनके लिए आसान नहीं रहा। दीप्ति ने भारत के लिए 2014 में पहला डेब्यू मैच खेला था। चार टेस्ट, 86 वनडे और 104 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी दीप्ति के नाम 3314 रन दर्ज हैं। इसके अलावा उन्होंने 229 अंतरराष्ट्रीय विकेट भी हासिल किए हैं।
भाई का अहम योगदान
दीप्ति को इस मुकाम तक पहुंचाने में उनके भाई सुमित का अहम योगदान रहा। उन्होंने छोटी उम्र में ही बहन की प्रतिभा को पहचान लिया था। दीप्ति ने नौ वर्ष की आयु में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। रेलवे में कार्यरत पिता भगवान शर्मा और सुशीला शर्मा का उन्हें भरपूर सहयोग मिला। दीप्ति के भाई सुमित गेंदबाज रहे हैं और अंडर 19 और अंडर 23 में यूपी की तरफ से खेल चुके हैं। भाई से मिली मदद और कड़ी मेहनत के दम पर दीप्ति शर्मा ने आज पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन कर दिखाया है।
एक इंटरव्यू में सुमित शर्मा ने बताया था कि नवंबर 2014 में जब उन्हें यह सूचना मिली की दीप्ति को भारतीय महिला क्रिकेट टीम में स्थान मिला है तो वह खुशी से झूम उठे थे। उन्होंने कहा कि 'उस दिन मेरा नौकरी छोड़ने का फैसला सही साबित हो गया।' दरअसल, सुमित अपनी बहन को अभ्यास के लिए सुबह और शाम मैदान पर ले जाते थे। ऐसे में उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी। उन्होंने कहा कि 'स्टेडियम में सुबह और शाम बहन को अभ्यास के लिए ले जाने की शपथ लेते हुए मैंने नौकरी से त्यागपत्र दे दिया।'
देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया
आईसीसी महिला वनडे विश्व कप के फाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार वनडे वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत में आगरा की बेटी दीप्ति शर्मा ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।
गेंदबाजी करने का लिया फैसला
साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। भारतीय टीम ने दमदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 298 रन का लक्ष्य खड़ा किया। इसमें दीप्ति शर्मा का अहम योगदान रहा उन्होंने 58 गेंदों पर 58 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और एक छक्का शामिल रहा। उनकी संयमित पारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
दीप्ति की फिरकी के आगे नहीं टिक सके साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज
लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका की टीम ने शुरुआत में अच्छा खेल दिखाया और एक समय ऐसा लगा कि मैच उनके पक्ष में कहीं न कहीं जा सकता है। मगर दीप्ति की फिरकी के आगे साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज टिक नहीं सके। ओपनर लौरा वोल्वार्ड्ट को दीप्ति ने अपनी शानदार गेंद पर कैच आउट कराया और वहीं से मैच का रुख पलट गया।
आगरा में जश्न
दीप्ति की इस उपलब्धि पर आगरा में जश्न का माहौल है। उनके घर पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है। पिता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बेटी मेहनत से कभी पीछे नहीं हटी, आज उसी का फल पूरे देश को मिला है। शहरवासियों और क्रिकेट प्रेमियों ने दीप्ति को देश की शान बताते हुए शुभकामनाएं दी हैं। भारत की यह जीत न सिर्फ एक ट्रॉफी है, बल्कि यह महिला क्रिकेट के नए युग की शुरुआत भी है। जिसमें आगरा की दीप्ति शर्मा का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है।