भारतीय महिला क्रिकेट टीम की हरफनमौला खिलाड़ी दीप्ति शर्मा ने अपना अर्जुन पुरस्कार ताजनगरी की बेटियों को समर्पित किया है। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वह एक लड़की हैं।
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद अमर उजाला से फोन पर बातचीत में दीप्ति ने कहा कि युवतियां किसी भी क्षेत्र में युवकों से पीछे नहीं हैं। लक्ष्य निर्धारण के साथ ही पूरी ईमानदारी से की गई मेहनत एक दिन रंग जरूर लाती है। खेल में परिवार के सहयोग पर उन्होंने कहा कि मेरी मां, पिता और भाइयों के सहयोग के बिना यह मुकाम पाना संभव नहीं था। साथ ही पथ प्रदर्शक हेमलता काला और रीटा डे ने हर कदम पर मनोबल बढ़ाकर रखा।
उन्होंने शहर की प्रत्येक बेटी से पढ़ाई के साथ खेलने का आह्वान किया। दीप्ति ने कहा कि मुझे इस बात का हमेशा गर्व रहा कि मैं एक लड़की हूं। साथ ही कोशिश रही कि उन लोगों की मानसिकता बदल सकूं, जो यह सोचते हैं कि खेल के मैदान बेटियों के लिए नहीं बने हैं। उन्होंने कहा कि पुरस्कार मिलने के बाद जिम्मेदारी और बढ़ गई है। इसलिए वह अपना अभ्यास का समय भी बढ़ाने जा रही हैं।