साउथ वेस्ट दिल्ली निवासी फराज अंसार 20 मई को अपने छोटे दिव्यांग भाई तारिक के साथ एप्पल इन होटल में आए थे। उन्होंने एक अधिवक्ता के माध्यम से किराये पर कमरा लिया था। रविवार दोपहर को वह होटल की छत पर लहूलुहान हालत में मिले थे। उनकी कनपटी पर गोली लगी थी। साथ ही तमंचा और चाकू भी पड़े थे।
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डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मृतक मूलरूप से दिल्ली के निवासी थे। उनके पिता अंसार अहमद की 10 साल पहले मृत्यु हो गई थी। इसके बाद मां और एक भाई की मृत्यु हो गई। उनका छोटा भाई तारिक साथ में रहता था। फराज की दोस्ती फिरोजाबाद के रहने वाले जिया उल से थी। वह सूचना पर पहुंच गए। दोस्त जियाउल ने बताया कि फराज का दोस्त करीब चार साल पहले विदेश चला गया, तभी से वह करीब 70 लाख रुपये के कर्ज में डूब गए थे। कुछ साल पहले को लकवा मार गया। फरीदाबाद के अस्पताल में उपचार भी हुआ मगर ज्यादा हालत नहीं सुधरी। वो कोई काम नहीं कर पाते थे। दिल्ली में किराये के मकान में रहते थे। दिव्यांग भाई की देखभाल के कारण शादी भी नहीं की।
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दोस्त जिया उल ने बताया कि फराज एक महीने पहले उनसे मिलने आए थे। कई दिन रुके थे। हाल में वह ताजगंज के होटल में कमरा लेकर रुके हुए थे। वह कभी-कभी 100-200 रुपये के लिए कॉल करते थे। दो दिन पहले भी सुबह और शाम को 180 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए थे। उन्हें नहीं पता था कि वो इस तरह का कदम उठा लेंगे। उनकी माैत की जानकारी दिल्ली में रहने वाले रिश्तेदारों को दी गई मगर कोई नहीं आया। कई ने तो फोन भी नहीं उठाया। इस पर उन्होंने पुलिस की मदद से खुद ही पंचकुइयां स्थित कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार का निर्णय लिया। दिव्यांग भाई को जिया उल अपने साथ ही ले गए।
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