आगरा। राणा सांगा केस की सिविल रिवीजन अजय प्रताप सिंह आदि बनाम अखिलेश यादव आदि में बुधवार को एडीजे-19 लोकेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। आदेश-1 नियम-8 सिविल प्रक्रिया संहिता पर दोनों पक्षों की बहस हुई। अब अगली सुनवाई 13 फरवरी को होगी।
वादी अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि बाबर को भारत में इब्राहिम लोदी के विरुद्ध दौलत खान लोदी ने आमंत्रित किया था, न कि राणा सांगा ने किया था। विपक्षी संख्या-2 समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने राणा सांगा पर बाबर को भारत में बुलाने का आरोप लगाया है। उनका आरोप समस्त क्षत्रियों को अपमानित करने वाला है। इससे वाद को प्रतिनिधि के रूप दर्ज किया जाना चाहिए।
वहीं विपक्षी संख्या-2 के अधिवक्ता ने आपत्ति जताई। कहा कि रामजीलाल सुमन सांसद हैं। उनका दिया गया बयान संसद में दिया गया था। जिस कारण अनुच्छेद 105 के कारण कार्रवाई नहीं हो सकती। आदेश-1 नियम-8 सीपीसी का प्रार्थनापत्र वाद दायर करते समय नहीं दिया गया था। इसमें भारत संघ विपक्षी नहीं है।
इस पर वादी अधिवक्ता ने कहा कि भारत संघ को विपक्षी बनाने के लिए धारा 80(2) सीपीसी का प्रार्थनापत्र दाखिल किया गया था। जिसकी संख्या 14-क है। वाद पत्र में कहीं नहीं लिखा है कि विपक्षी रामजीलाल सुमन का बयान संसद में दिया बयान है। वाद की पोषणीयता वाद पत्र में लिखे कथनों के आधार पर तय होती है। वाद में यदि आदेश-1 नियम-8 सीपीसी का प्रार्थनापत्र खारिज किया गया तो भी वाद की कार्रवाई समाप्त नहीं हो सकती, क्योंकि वाद प्राइवेट कैपेसिटी फाइल किया गया था। संवाद