भागवत पांडाल हादसा: निकलते हुए पांडाल में फंसे लोग
बाह। चित्राहाट के कचौराघाट में कैलाशनी मैया मंदिर पर मंगलवार दोपहर आयी आंधी और बारिश में भागवत कथा का पंडाल गिर गया। पंडाल के नीचे 500 महिला, पुरुष और बच्चे दब गए। तहस नहस हुए पंडाल में दबे लोगों में भगदड़ और चीख पुकार मच गई। कुछ लोग देवदूत बनकर सामने आए और पांडाल में दबे लोगों को बाहर निकाला। राहत की बात ये है कि मामूली खरोंच के अलावा किसी कोई चोट नहीं लगी।
हादसा दोपहर तीन बजे करीब हुआ। कचौराघाट के कैलाशनी मैया के मंदिर पर 3 अप्रैल को भागवत कथा शुरू हुई थी। मंगलवार को आचार्य अभिषेक पुरोहित वामन भगवान की कथा सुना रहे थे। भागवत पंडाल में करीब 500 महिला, पुरुष और बच्चे मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक आयी आंधी और बारिश के कहर में भागवत पंडाल ध्वस्त हो गया। पंडाल के नीचे मौजूद लोग दब गए। भगदड़ और चीख पुकार मच गई। लोग पंडाल से जान बचा कर भागे, कोई मंदिर में दुबका, तो कोई पास के टिनशेड में छिप गया। ऐसे में जैतपुर के समाजसेवी कुलदीप भदौरिया, आयोजक महंत कुलदीप सिंह उर्फ प्रवीन, आशू कुशवाह, सचिन सविता आदि देवदूत बन कर सामने आए। उन्होंने पंडाल के नीचे दबे बच्चों को बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि करीब आधा घंटे चले रेस्क्यू में सबको सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लोहे की बल्ली गिरने से अन्नू के कान के पास चोट लगी है। कुछ लोगों को खरोंच आई है। बडे़ हादसे में सभी लोगों की जान बचने पर आयोजकों ने राहत की सांस ली। आयोजन सदस्य आशीष यादव ने बताया कि पंडाल आदि सामान का नुकसान हुआ है। टिनशेड उड़ गया। कोई हताहत नहीं हुआ है। सभी सुरक्षित हैं। प्रभारी निरीक्षक चित्राहाट ने बताया कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं। कोई हताहत नहीं हुआ है।