शहर में 334 किमी. लंबे नाले हैं। इनकी गहराई 5 से 20 फीट तक है। 18 बड़े नालों के किनारे पांच लाख से ज्यादा लोग रह रहे हैं। गहरे नाले लाखों लोगों के लिए मौत के मुहाने की तरह हैं। नालों की साइड पटरी के संकरे रास्तों से फिसलकर कई लोग जान गंवा चुके हैं।
शहर के चारों क्षेत्रों उत्तर, दक्षिण, छावनी और एत्मादपुर के विधायकों ने नालों में गिरकर जान जाने की घटनाओं को देखते हुए इन्हें ढकने के प्रस्ताव लगाए हैं। विधायकों ने कहा कि नए बनने वाले सभी नाले ढकवाए जाएंगे। बड़े नालों को स्टॉर्म वाटर योजना के तहत बनाने और कवर कराने की योजना है। साथ ही छोटे नालों पर प्री-कास्ट स्लैब रखवाएंगे।
कैबिनेट मंत्री व दक्षिण विधानसभा क्षेत्र विधायक योगेंद्र उपाध्याय - खुले पड़े नाले लोगों के स्वास्थ्य के साथ जान के लिए भी खतरनाक हैं। मैंने गोविंद नगर, साकेत कॉलोनी नाला पिछले साल ढकवाया था। वहां लगातार हादसे हो रहे थे। जलभराव होने पर लोगों के नालों में गिरने की घटनाओं को देखते हुए सभी नालों को ढकने के लिए नगर निगम को पत्र दिया है। राजनगर, खतैना, लोहामंडी, अशोक नगर से निकल रहा बड़ा नाला भी कवर कराने की योजना है, ताकि यहां रहने वाले लोग आवागमन के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकें। इससे हादसों पर रोक लगेगी।
एत्मादपुर विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह- यमुनापार के ज्यादातर छोटे नालों को ढकवाया है। अब बड़े नाले ढकवाने की योजना है। स्टॉर्म वाटर योजना में मंडी समिति का 37 करोड़ से प्रस्तावित बड़ा नाला निर्माण कराने के साथ ही इसे ढकवा दिया जाएगा, ताकि कोई हादसा न हो। यमुनापार के क्षेत्र के प्रमुख नाले जो लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, उन्हें नगर निगम और शासन से योजना मंजूर कराकर ढकवाया जाएगा। नालों में गिरकर लोगों की मरने की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
उत्तर विधानसभा क्षेत्र विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल- फ्रीगंज हो या लंगड़े की चौकी, कोई नाला खुला न रहे। जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए मैंने नालों के निर्माण पर फोकस किया था। अब क्षेत्र के जर्जर नालों की मरम्मत कराने के साथ उन्हें ढकने का प्रयास है। जनकपुरी आयोजन के दौरान कोठी मीना बाजार का नाला लोहे के जाल से कवर कराया था ताकि लाखों की भीड़ में कोई हादसा न हो। इस बार भी जनकपुरी में नालों को ढकवा रहे हैं। पूरे विधानसभा क्षेत्र में नालों को ढकवाने के लिए नगर निगम से प्रस्ताव मंजूर कराऊंगा।
छावनी विधायक डॉ. जीएस धर्मेश- नाले तो बिल्कुल ढके जाने चाहिए। देवरी रोड पर मैंने सीसी से नाला बनवाया जिसे लोगों ने ही पत्थर रखकर पाट लिया। अब राजपुर चुंगी, गोबर चौकी, नरीपुरा समेत कुछ क्षेत्रों में खुले पड़े नालों को ढकवाने की योजना है। नगर निगम से इन नालों को प्री-कास्ट स्लैब से ढकवाने के लिए प्रस्ताव भी लगा रहे हैं।