देश की पहली मेक इन इंडिया सेमी हाईस्पीड ट्रेन टी-18 के ट्रायल के दौरान हादसा हो गया। शनिवार को टूंडला-कानपुर रेलखंड पर ट्रेन टी-18 से कटकर एक युवक की मौत हो गई। हादसा मैंथा-भाऊपुर रेलवे स्टेशनों के बीच हुआ।
तेज रफ्तार में दौड़ रही ट्रेन की चपेट में युवक आ गया। इससे उसके चिथड़े उड़ गये। घटना के बाद चालक ने ट्रेन को रोक दिया। रेल ट्रैक से शव के अवशेष हटाने के बाद ट्रेन को चलाया गया। हादसा शनिवार की शाम 4.43 बजे हुआ।
सेमी हाईस्पीड टी-18 ट्रेन को इलाहाबाद से नई दिल्ली के बीच ट्रायल के तौर पर चलाया गया। शनिवार शाम को ट्रेन इलाहाबाद से वापस आ रही थी। कानपुर रेलखंड पर भाऊपुर के निकट रेल ट्रैक पार कर रहा एक युवक उसकी चपेट में आ गया।
युवक के उड़े चिथड़े
रेल चालक जब तक ट्रेन रोकता वो रेल इंजन से टकरा गया। तेजगति से दौड़ रही टी-18 ट्रेन की चपेट में आए युवक के चिथड़े उड़ गये। रेल चालक ने टूंडला नियंत्रण कक्ष को घटना से अवगत कराते हुए ट्रेन को रोक दिया।
घटना की जानकारी होते ही रेल अधिकारी सतर्क हो गये। तत्काल रेल चालक व ट्रेन में चल रहे ट्रेन निरीक्षक से घटना की जानकारी ली गयी। हालांकि इस ट्रेन के ब्रेकिंग सिस्टम इतना मजबूत है कि ट्रेन को 800 मीटर दूरी तक कोई गड़बड़ी मिलती है।
हादसे के बाद करीब 15 निमट बाद ट्रेन को चलाया गया। टी-18 ट्रेन से हादसा होने पर रेलवे बोर्ड के अधिकारी एवं इलाहाबाद मंडल के अधिकारी जानकारी करते रहे। इस दौरान रेलवे के अधिकारियों में हड़कंप मचा रहा।
नई दिल्ली से इलाहाबाद के बीच ट्रायल
बता दें कि रेलवे ने 16 लग्जरी कोचों वाली टी-18 ट्रेन की शुरुआत 27 दिसंबर को दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन से वाराणसी जाने के लिए ट्रायल के रूप में की थी, अचानक कुछ तकनीकी खराबी होने के कारण इस ट्रेन को दिल्ली में ही रोक दिया था।
शुक्रवार मध्यरात्रि 12.55 बजे फिर से इस ट्रेन को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चला गया। ट्रेन को दिल्ली हेडक्वाटर के लोको पायलट संजय कुमार सिंह व वीके दीक्षित, टूंडला हेडक्वाटर के ट्रेन निरीक्षक राकेश ग्रोवर व गार्ड एके मोइत्रा व सरोज मीना रहे, जो कानपुर तक ट्रेन को ले गए।
यह ट्रेन शनिवार सुबह 3.40 बजे टूंडला से गुजरी। इस ट्रेन को वाराणसी तक के लिए रवाना किया था, किंतु इस इलाहाबाद तक ही चलाया गया। इलाहाबाद यह ट्रेन छह घंटे 53 मिनट में पहुंची। वापसी में तकरीबन सात बजे टूंडला से गुजरी।