मैनपुरी। सिंचाई के लिए नलकूप कनेक्शन पाने को 116 किसान परेशान हैं। किसानों द्वारा औपचारिकताएं पूरी कर देने के बाद भी उनके संयोजन नहीं हो पा रहे हैं। किसान बिजली विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
खेतों की सिंचाई करने के लिए किसान नलकूप कनेक्शन पाने को बिजली विभाग में आवेदन करते हैं। आवेदन करने वाले किसानों का आरेाप है कनेक्शन पाने के लिए औपचारिकताएं पूरी कर देने के बाद भी उनके संयोजन शुरू नहीं हो सकाहै। 116 किसानों के आवेदन विभाग में लंबित हैं। आवेदन करने वाले किसान सोनेलाल, राजेंद्र सिंह, प्रेमपाल, राजवीर सिंह, सुभाष चंद्र, अमर सिंह का कहना है छह सात महीने पहले आवेदन करने के बाद भी उनके संयोजन नहीं हो सके हैं। बिजली विभाग के कर्मचारी स्टोर में सामान नहीं होने की बात कहकर लौटा देते हैं।
निजी नलकूपों का सिचंाई में सहारा
किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए निजी नलकूपों का ही सहारा होता है। कई स्थानों पर नहर, माइनर और रजबहा से भी किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। दूसरे के नलकूप से सिंचाई करने पर किसानों पर अतिरिक्त खर्चा आता है। जिसके चलते संपन्न किसान निजी नलकूप लगाने के इच्छुक रहते हैं।
किसानों द्वारा निजी नलकूप के लिए 116 आवेदन बिजली विभाग में लंबित हैं। किसान यूनियन कई बार विद्युत अधिकारियों से मिल चुकी है। डीएम को भी ज्ञापन दिए हैं। कर्मचारी स्टोर में सामान नहीं होने का बहाना बनाकर लौटा देते हैं।
तिलक सिंह राजपूत, अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन
जिन आवेदनों में औपचारिकताएं पूरी होती हैं। उनमें तत्काल कनेक्शन दिए जाते हैं। औपचारिकताएं पूरी नहीं होने, आवेदक के डिफॉल्टर होने पर आवेदक को जानकारी देकर फाइल रोक दी जाती है। संपूर्ण औपचारिकताओं वाली कोई फाइल लंबित नहीं है।
रविकुमार अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता विद्युत