कासगंज। गंगाघाटों पर आए दिन हो रहे हादसों में लोग अपनों को खो रहे हैं। बीते दो साल में कई बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। इन परिवारों का दर्द समझना तो दूर सुविधाओं के लिए जिम्मेदार विभाग भी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
गंगा घाटों पर पुण्य कमाने के लिए लोग बड़े ही श्रद्घा भाव से पहुंचते हैं लेकिन प्रशासन की सुरक्षा में अनदेखी के कारण उनकी जान चली जाती है। जिसका दर्द पूरे जीवन उनके परिवार वालों को झेलना पड़ता है।
अभी मात्र 10 दिन पहले की बात है जब कादरगंज व कछला गंगाघाट पर भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा को विसर्जित करने आए 3 श्रद्धालु गंगा में डूबकर अपनी जान गंवा चुके हैं। दो के शव तो दो दिन बाद गोताखोरों ने तलाश लिए, लेकिन एक अभी लापता है।
वर्ष 2018 के हादसे
- 26 अप्रैल को गंगा में नहाते समय तीन युवकों की डूबकर मौत।
- 24 मई को गंजडुंडवारा नहर में एक युवक की स्नान करते डूबकर मौत।
- 23 मई को सोरों हरि की पैड़ी में सोरों के ही युवक की डूबकर हुई मौत।
- 15 मई को राजस्थान के भरतपुर के थाना चिकसोना के नगला सीकम के तीन लोगों की डूबकर मौत।
- 13 मई को गंगा में एमपी मुरैना के चार श्रद्धालु डूबे, एक की मौत, तीन बचाए।
वर्ष 2019 के हादसे
- 10 मई को पटियाली औरंगाबाद क्षेत्र में भकुरी गंगा घाट पर कलश विसर्जन को गए 5 श्रद्धालु डूबे, 1 की मौत, चार को बचाया।
- 03 जून को कछला गंगा घाट पर 5 बालक की डूबने से मौत।
- 03- जून को सिकंदरपुर पुर क्षेत्र के दो बालक गंगा में डूबे, मौत।
- 12 सितंबर को कछला गंगा घाट पर गणेश विसर्जन को गए 3 श्रद्धालु डूबे, एक को बचाया।