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गजब का हाल: 18 साल पहले हुई मौत, अब अदालत में पेश किया फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र, पुलिस ने दर्ज किया केस

Wed, 23 Jul 2025 09:15 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

सिविल के मुकदमे में विपक्षी ने युवक की मौत के 18 साल बाद फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र अदालत में पेश कर दिया।  पीड़ित पक्ष ने साक्ष्य के साथ पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से शिकायत की।

 
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court new - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के सिविल के मुकदमे में विपक्षी ने युवक की मौत के 18 साल बाद फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र अदालत में पेश कर दिया। पीड़ित पक्ष ने साक्ष्य के साथ पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से शिकायत की। न्यू आगरा पुलिस ने प्रधान, उसके प्रतिनिधि, दो ग्राम विकास अधिकारी सहित 10 के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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दर्ज केस के अनुसार थाना डौकी क्षेत्र के गांव बगदा निवासी कालीचरन ने तहरीर दी। उनके मामा स्व. प्रताप सिंह ने अप्रैल 2007 में कबीस चौराहे के पास पौने पांच बीघा जमीन की उनके नाम रजिस्टर्ड वसीयत की थी। सदर थाना क्षेत्र के कहरई मोड़ निवासी राजेश उपाध्याय ने जमीन का फर्जी तरीके से दूसरा बैनामा बनवा लिया। जिसका मुकदमा अदालत में विचाराधीन है। राजेश ने 17 फरवरी 2025 को अदालत में उनके मामा प्रताप सिंह का मृत्यु प्रमाणपत्र शपथपत्र के साथ पेश किया। जिसमें मृत्यु की तारीख 3 मार्च 2007 लिखी थी।

जबकि उनके मामा की मृत्यु 3 अप्रैल 2007 को हुई थी। राजेश उपाध्याय ने ग्राम विकास अधिकारी, प्रधान व अन्य की मदद से मृत्यु रजिस्टर में छेड़छाड़ कर फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बना लिया। 18 साल बाद सीआरएस पोर्टल पर मामा प्रताप सिंह का मृत्यु प्रमाणपत्र आनलाइन कर दिया गया। मदद करने के बदले में एक ग्राम विकास अधिकारी ने उक्त जमीन में से एक प्लाट की रजिस्ट्री भी अपने नाम करा ली है। पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुटी है। 
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