सिकंदरा से लेकर वाटर वर्क्स...11.1 किलोमीटर। मौत के 30 कट। हरेक एक किलोमीटर में औसतन दो कट। हर रोज मौत के इन कटों को हजारों लोग सिर्फ इसलिए पार कर रहे हैं कि घर या ऑफिस जल्दी पहुंच जाएंगे। उन्हें नहीं मालूम कि उनकी यह गलती किसी दिन बड़ी घटना का सबब बन सकती है। सिकंदरा से वाटर वर्क्स के बीच पहले भी कई परिवारों का चिराग बुझ चुका है।
मौत के ये कट ज्यादा खतरनाक:
- लॉयर्स कॉलोनी हाईवे
- भोले बाबा डेरी
- मारुति फूड प्लाजा
- सर्व एसआरके मॉल
- पीएनसी इनफाटेक
- अबु-उल-उल्लाह
- लंगड़ की चौकी
- सिकंदरा
हो जाते हैं साढ़े तीन सौ हादसे
आगरा। आगरा बाईपास संघर्ष समिति के पूर्व महामंत्री मुरारीलाल गोयल हर साल सिकंदरा से वाटर वर्क्स के बीच साढ़े तीन सौ हादसे होने का दावा करते हैं। मुरारी लाल कहते हैं कि सरकारी आंकड़े बताते हैं कि एक अप्रैल से लेकर सितंबर 2020 में आगरा के नेशनल हाईवे में रुनकता से लेकर रामबाग चौराहा तक 413 मौतें हुई हैं।
शोपीस बन गए फुट ओवर ब्रिज
आगरा। गुरुद्वारा गुरु का ताल और अबू-उल-उल्लाह के पास बने फुट ओवर ब्रिज का लोग उपयोग नहीं कर रहे हैं। इन दोनों स्थानों पर यह सोचकर ही लाखों रुपये खर्च किए गए थे, कि दोनों ही स्थान सड़क पार करने को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। इसके बाद भी लोग टूटी रेलिंग में से रास्ता पार कर रहे हैं।
सर्विस रोड से भी सलाखें गायब
आगरा में सिकंदरा-वाटर वर्क्स के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग से ही सलाखें गायब नहीं हुई हैं। सर्विस रोड पर भी लोगों ने सलाखों को उखाड़ दिया है। हाईवे पार करने के बाद सर्विस रोड पर जाने के लिए सलाखें उखाड़ दी गई हैं।
अव्यवस्था का दलदल: यहां से गुजरिए साहब, तब पता चलेगा हमारा दर्द... आगरा शहर का एक हिस्सा ऐसा भी