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गजब का हाल: मृत्यु प्रमाणपत्र मांगा, जारी कर दिया जन्म प्रमाणपत्र; सीएम पोर्टल पर हुई शिकायत

Fri, 02 Aug 2024 09:52 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा नगर निगम में हाल चौंकाने वाला है। एक युवक ने अपनी मां के मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसे जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। पीड़ित ने सीएम पोर्टल पर शिकायत भी की, लेकिन वहां भी फर्जी आख्या लगाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया गया।  
 
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नगर निगम आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र की ऑनलाइन फीडिंग में गड़बड़ियां सामने आई हैं। मां के मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने पर बाबू ने बेटे के जन्म का प्रमाणपत्र जारी कर दिया। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी फर्जी आख्या लगाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया।
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नगर निगम से जीवित व्यक्ति का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हुआ था। जिसे लेकर उपनिबंधक, सेनेटरी इंस्पेक्टर, सपुरवाइजर सहित आठ लोगों के खिलाफ जांच लंबित है। नया मामला मृत्यु प्रमाणपत्र मांगने पर जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का सामने आया है। आवास विकास कॉलोनी निवासी राकेश अग्रवाल की मां की मृत्यु 2013 में हुई थी। तब उन्होंने कम्प्यूटराइज्ड मृत्यु प्रमाणपत्र मिला था। अब ऑनलाइन प्रमाणपत्र जारी हो रहे हैं।
 

कम्प्यूटराइजड प्रमाणपत्र को ऑनलाइन फीडिंग कराने के लिए उन्होंने सभी दस्तावेज निगम में बाबू अंकित चाहर को उपलब्ध कराए। 2004 में राकेश अग्रवाल ने अपने बेटे का जन्म प्रमाणपत्र बनवाया था। जो ऑनलाइन फीड हो चुका था। जब मां का ऑनलाइन मृत्यु प्रमाणपत्र लेने पहुंचे तो बाबू ने उन्हे बेटे के जन्म का प्रमाणपत्र थमा दिया। जिसकी शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की। शिकायत का निस्तारण कर दिया लेकिन आवेदक की समस्या जस की तस है। वहीं, इस संबंध में जनसुनवाई प्रभारी एडीएम प्रोटोकॉल ने मामले की जांच कराने की बात कही है।

 
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एक-एक हजार रुपये की हो रही वसूली
नगर निगम में जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने के नाम पर एक-एक हजार रुपये की वसूली हो रही है। जिसकी शिकायत व साक्ष्य जनप्रहरी संस्था प्रबंधक नरोत्तम सिंह शर्मा ने नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल उपलब्ध कराए। नगरायुक्त ने अवैध वसूली करने वालों के विरुद्ध् एफआईआर के आदेश दिए। नरोत्तम सिंह शर्मा का कहना है कि नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार हो रहा है। शिकायत व साक्ष्य के बावजूद नगरायुक्त ने एफआईआर नहीं कराई।
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