एटा के ब्लॉक शीतलपुर क्षेत्र के गांव जीसुखपुर में एक माह से डेंगू व बुखार फैला हुआ है। इस अंतराल में गांव के अंदर डेंगू और बुखार से नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि वर्तमान में भी 80 लोग बीमार हैं। इनको स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को पहुंचकर दवाएं दीं।
गांव में डेंगू और बुखार को फैले हुए करीब एक माह हो गया है, लेकिन स्वास्थ्य महकमा सोता रहा। एक महीने में एक-एक करके नौ लोगों की मौत हो गई। ग्राम प्रधान संगीता के पति कृपाल सिंह ने बताया कि गांव में डेंगू बुखार से दो दिन पहले महाराज सिंह की मौत इलाज के दौरान आगरा में हुई है। पांच दिन पहले गांव के ही रामवीर सिंह की बुखार से मौत हो गई। इनके अलावा वीरपाल सिंह, मुकेश कुमार, रूपवती, शारदा देवी, लज्जाराम, यादराम और रामसिंह की मौत भी बुखार व डेंगू से एक माह के अंदर हो चुकी है।
ये भी बुखार की चपेट में
मृतक महाराज सिंह की पत्नी गुड्डी देवी और बेटी निशा अभी भी डेंगू की चपेट में हैं, जबकि भाभी रामदेवी डेंगू बुखार की वजह से कई दिनों से चारपाई पर पड़ी हैं। इनके दूसरे भाई सियाराम और उनके पुत्र रवींद्र को निजी चिकित्सकों ने डेंगू बताया है और इलाज चल रहा है। दूसरे पुत्र मितेंद्र की प्लेटलेट्स 40 हजार तक रह गई थीं, अब इलाज के बाद स्वस्थ्य हो गया है।
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निजी चिकित्सकों के यहां करा रहे इलाज
इनके अलावा 15 लोग निजी चिकित्सकों के पास इलाज करा रहे हैं, जबकि 50 से अधिक घरों में चारपाइयों पर पड़े हैं। इनका इलाज स्थानीय स्तर पर चल रहा है। गांव में मंगलवार को सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और 70 से 80 लोगों को दवा देकर उपचार किया। इसके अलावा 50 लोगों के सैंपल लिए गए हैं।
ये बोले ग्रामीण ...
गांव जीसुखपुर के रहने वाले राधेश्याम ने बताया कि गांव में एक माह से महामारी जैसी फैली हुई है। एक के बाद एक करके एक माह में ही कई लोगों की डेंगू और बुखार से मौत हो चुकी है। अभी भी 70 से 80 लोग बीमार हैं। वहीं छंगेलाल ने बताया कि डेंगू बुखार की चपेट में आने वाले लोग आगरा, अलीगढ़ और एटा में निजी डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं।