बटेश्वर। यमुना नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच तीर्थ स्थल बटेश्वर में कई दिन से नदी के पानी में मरी हुई मछलियां बहती हुई दिखाई दे रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने फैक्ट्रियों के केमिकल युक्त दूषित पानी से मछलियों के दम तोड़ने की आशंका जताई है।
यमुना में अचानक इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत पर स्थानीय ग्रामीणों और नाविकों ने आशंका जताई है कि नदी का पानी अत्यधिक दूषित हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि पहाड़ों और मैदानी इलाकों से आ रहे बाढ़ के पानी के साथ फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल युक्त दूषित पानी भी यमुना में बहाया जा रहा है। इसी जहरीले पानी में ऑक्सीजन की कमी के कारण मछलियां दम तोड़ रही हैं।
पर्यावरण प्रेमियों ने उठाई दूषित पानी की जांच की मांग
नवनियुक्त एसीपी बाह जितेंद्र कुमार ने स्टीमर से भ्रमण के दाैरान यमुना नदी में बहकर आ रही मृत मछलियों को देखा, तो नाविकों से जानकारी ली। नाविकों ने भी अधिकारी को फैक्ट्रियों से आने वाले केमिकल युक्त गंदे पानी के कारण मछलियां मरने की बात कही। स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन से यमुना के इस दूषित पानी की तत्काल जांच कराने और दोषी फैक्ट्रियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।