सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तहसील के कर्मचारी बुलाए। इसके बाद श्मशान घाट की जमीन की खोज शुरू हो गई। देर शाम तक जमीन की समस्या का कोई समाधान नहीं निकल सका। इस पर परिवार वालों ने शाम को अपनी जमीन पर दाह संस्कार किया। ग्राम प्रधान सुरेश ने बताया कि सरकारी जमीन पर दाह संस्कार के लिए गांव के कुछ लोगों ने विरोध किया था। जबकि यह जमीन श्मशान घाट के लिए चिन्हित की गई है।
यह है जमीन को लेकर विवाद
गांव में श्मशान घाट की जमीन की मांग ग्रामीणों की तरफ से की जा रही है। इस पर उपजिलाधिकारी के निर्देश पर 2 बिस्वा सरकारी जमीन की नापतोल तहसील के कर्मचारियों ने की थी। अभी यह जमीन श्मशान घाट के लिए घोषित नहीं की गई। इसलिए कुछ ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। तहसीलदार किरावली देवेंद्र प्रताप ने बताया कि बंजारा गांव में श्मशान घाट के लिए कोई जमीन नहीं है। एक सप्ताह पहले सरकारी जमीन की नापतोल कराई गई थी। जिन लोगों के खेत इस जमीन के पास है, उनकी तरफ से विरोध किया जा रहा है।
पुलिस की निगरानी में हुआ अंतिम संस्कार
अछनेरा थाना प्रभारी ने बताया कि सोमवार को शाम करीब 4 बजे अंतिम संस्कार कराया गया। गांव के विजय सिंह, हरीराम व अन्य दर्जन भर से अधिक लोगों ने सरकारी जमीन पर दाह संस्कार का विरोध किया था। दोनों पक्षों को शांत करा दिया गया है। गांव में कुछ पुलिसकर्मी भी तैनात कर दिए गए है?