दयालबाग में जहां राधास्वामी सत्संग सभा और पुलिस के बीच टकराव हुआ था, उसी के पास खेतों में लावारिश शव मिला था। काफी प्रयास के बाद भी मृतक की पहचान नहीं की जा सकी है।
आगरा के दयालबाग के गांव सिकंदरपुर स्थित खेत में मिले युवक के शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। 72 घंटे बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया गया। पहचान के लिए कपड़े और डीएनए सैंपल सुरक्षित रखा गया है। पुलिस का कहना है कि मृतक की फोटो आसपास के जिलों की पुलिस के पास भेजी गई है।
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युवक का शव 28 सितंबर को खेत में तारों की बाड़ के पास मिला था। 4-5 दिन पुराना था। वह गुलाबी रंग की शर्ट और कत्थई रंग की पैंट पहने था। उम्र करीब 30 से 35 साल होने का अनुमान है। थानाध्यक्ष न्यू आगरा राजीव कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम में विसरा सुरक्षित रखा गया है। इसे फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
आखिर कौन था युवक ?
मृतक की पहचान न होने से बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर युवक कौन था? गांव के लोगों ने पहचान नहीं की है। खेत मालिक ने भी कुछ नहीं बताया है। युवक खेत के अंदर कैसे पहुंच गया? शव कई दिन पुराना था? इसकी जानकारी कई दिन बाद क्यों हुई? इन सब सवालों के जवाब मृतक की पहचान होने के बाद ही पता चलेंगे।