शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय एआई-एमएल में एमटेक, फुटवेयर डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी और ऑनलाइन दूरस्थ शिक्षा जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी में है। साथ ही अत्याधुनिक शोध सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए विश्वविद्यालय को वैश्विक रिसर्च हब बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
गौरवमयी इतिहास के 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहा डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (आगरा विश्वविद्यालय) अब केवल पारंपरिक पढ़ाई का केंद्र नहीं रहेगा। अपनी समृद्ध विरासत को सहेजते हुए विवि ने भविष्य की तकनीक की ओर बड़ी उड़ान भरी है। चिकित्सा, ललित कला और समाज विज्ञान के इस गढ़ में अब छात्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) में एमटेक कर सकेंगे। स्नातक स्तर पर इसकी सफलता के बाद विवि अब परास्नातक (पोस्ट ग्रेजुएशन) स्तर पर हाईटेक कोर्स शुरू करने की तैयारी कर चुका है।
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इसके साथ ही विश्वविद्यालय अब उन छात्रों के दरवाजे तक पहुंचेगा जो किन्हीं कारणों से कैंपस नहीं आ सकते। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से ए प्लस ग्रेड मिलने के बाद विवि अगले सत्र से दूरस्थ शिक्षा (ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग) के क्षेत्र में कदम रखने जा रहा है। अनुमति मिलते ही छात्र घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से चुनिंदा पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर सकेंगे।
जूता उद्योग को मिलेंगे स्थानीय विशेषज्ञ
ताजमहल के साथ-साथ आगरा दुनिया भर में अपने चमड़ा और जूता उद्योग के लिए जाना जाता है। विवि अब इसी स्थानीय उद्योग को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के लिए फुटवेयर डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी कोर्स शुरू करने जा रहा है। सिलेबस और रूपरेखा तैयार हो चुकी है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद से हरी झंडी मिलते ही इसे लॉन्च कर दिया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बंपर अवसर खुलेंगे। साथ ही जूता उद्योग को स्थानीय विशेषज्ञ मिलने लगेंगे।
रिसर्च हब बनेगा आगरा
आगरा के शोधार्थियों को को उच्च स्तरीय रिसर्च के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। विवि की अत्याधुनिक एक्सरे विवर्तन प्रयोगशाला (एक्सआरडी लैब) के बाद अब कैंपस में इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपिक सेंटर शुरू होने जा रहा है। इसकी आधुनिकतम मशीनें इंस्टॉल हो चुकी हैं और जल्द ही इसका औपचारिक उद्घाटन होगा। इसके बाद विवि में अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध हो सकेंगे। स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप की सुविधा राज्य विश्वविद्यालयों में नहीं है। दयालबाग शिक्षण संस्थान में यह सुविधा है लेकिन वहां बाहरी छात्रों को कार्य करने की अनुमति नहीं है। आंबेडकर विवि, सभी राज्य विवि के शोधार्थियों को यह सुविधा उपलब्ध करा रहा है। इसके साथ ही इंडक्टिवली कपल्ड प्लाज्मा ऑप्टिकल एमिशन स्पेक्ट्रोस्कोपी (आईसीपीओईएस) मशीन को भी इस आधुनिकतम लैब में लाने की योजना है। इसमें एक साथ 80 धातुओं की जांच हो सकेगी।
स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम से विदेश तक धाक
आंबेडकर विवि की पहचान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हो रही है। विवि ने कई विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू साइन किए हैं। इसके तहत स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के जरिये विदेशी छात्र आगरा आकर यहां की कला, संस्कृति और भाषा सीख रहे हैं। वहीं आगरा के छात्रों को भी विदेशी धरती पर जाकर ग्लोबल एक्सपोजर मिल रहा है।
विवि को रिसर्च का बड़ा केंद्र बनाना ही उद्देश्य
कुलपति प्रो. आशुरानी ने बताया कि नैक से ए प्लस ग्रेड मिलना हमारे लिए एक जिम्मेदारी की तरह है। शताब्दी वर्ष में हमारा फोकस पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ युवाओं को रोजगारपरक और भविष्य की तकनीक (एआई-एमएल) से जोड़ना है। विवि का इनक्यूबेशन सेंटर स्टार्टअप्स का गढ़ बनता जा रहा है। वर्तमान में यहां करीब 30 छात्रों ने अपने 30 अनूठे नवाचारों को मूर्त रूप दिया है। दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से हम शिक्षा को हर घर तक पहुंचाएंगे। हमारा उद्देश्य विवि को वैश्विक स्तर पर रिसर्च का बड़ा केंद्र बनाना है।