डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 99 वर्षों के इतिहास में पहली महिला कुलपति सुरत प्यारी सुखिया का कार्यकाल सबसे छोटा रहा, जो केवल 24 दिनों तक चला। वहीं विश्वविद्यालय के इतिहास में लगातार दो पूर्ण कार्यकाल तक कुलपति रहने का रिकॉर्ड प्रो. आशुरानी के नाम दर्ज है।
अपने में इतिहास समेटे डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने 99 वर्ष की अवधि में एक कुलपति ऐसी भी रहीं जिनका कार्यकाल सबसे संक्षिप्त रहा। ये तत्कालीन आगरा विश्वविद्यालय की पहली महिला कुलपति सुरत प्यारी सुखिया थीं। इन्होंने मात्र 24 दिन कुलपति का कार्यभार संभाला।
शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहे आंबेडकर विवि के नाम इन 99 वर्षों में हजारों उपलब्धियां दर्ज हुईं। 1927 से लेकर 2026 तक कुल 50 कुलपति देने वाले इस विवि में कुछ कार्यवाहक कुलपतियों को दो कार्यकाल मिले। पूर्णकालिक कुलपति के रूप में लगातार दूसरी बार काम करने का मौका सिर्फ प्रो. आशुरानी को मिला। कुलपति के रूप में दो कार्यकाल संभालने वाले रेवरेंड कैनन ए डब्ल्यू डेविस के नाम पहले और चौथे कुलपति के रूप में विवि के रिकॉर्डों में दर्ज है। लेकिन उनके दोनों कार्यकाल के बीच पं. श्याम सुंदर शर्णा और पी किचलू ने कार्यवाहक कुलपति का कार्यभार संभाला। इसके बाद डॉ. नारायण प्रसाद अस्थाना ने पहले 1935 में करीब तीन महीने कार्यवाहक कुलपति का कार्यभार संभाला। इसके बाद 1946 से 1949 तक वो पूर्णकालिक कुलपति रहे।
प्रो. अगम प्रसाद माथुर भी 1982 से 1985 और फिर 1988 से 1991 तक दो बार कुलपति बने। प्रो. एएस कुकला 15-09-2004 से 28-05-2006 तक कुलपति रहे। इसके बाद 21-11-2006 से 11-08-2006 तक उन्होंने दोबारा कुलपति पद का कार्यभार संभाला। सबसे कम समय और पहली महिला कुलपति सुरत प्यारी सुखिया विश्वविद्यालय की 21 वीं कुलपति थीं। उन्होंने 11-02-1972 से 5-03-1972 तक कुलपति का कार्यभार संभाला।
लगातार दूसरी बार कार्यभार संभालने का रिकॉर्ड प्रो. आशुरानी के नाम
आंबेडकर विवि के इतिहास में प्रो. आशुरानी से पहले किसी भी कुलपति को लगातार दो कार्यकाल में काम करने का मौका नहीं मिला।