यूपीएसईई की परीक्षा में शहर की टॉप दो रैंक में बेटियों ने मारी बाजी
परीक्षा कोई भी हो, बेटियां सबसे आगे। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट हो या फिर प्रतियोगी परीक्षा, सभी में बेटियां अव्वल हैं। उत्तर प्रदेश राज्य प्रवेश परीक्षा (यूपीएसईई) में शहर की टॉप टू रैंक बेटियाें ने हासिल की है। शाहगंज के पांडव नगर निवासी शताक्षी ने बीटेक-बायोटेक में तीसरी और यहीं की कनिका ने चौथी और बीफार्मा में दूसरी रैंक हासिल की। राहुल मोतवानी कोे बीटेक में नौंवां, मोहनपुरा के अरिहंत जैन को 23वां स्थान मिला। बीटेक-लेटरल एंट्री बीएससी में अचिन जैन ने चौथा मुकाम पाया। बीटेक-बायोटेक में 24 वीं रैंक ध्रुव मित्तल ने पाई तो एकता गौतम को 40वां स्थान मिला। सिकंदरा के अमन ने बीटेक में 78वीं रैंक, लक्ष्मी वर्मा को 181 और नैनिका जैन ने 427 वीं रैंक हासिल की। बीफार्मा में अजय तिवारी ने पांचवां स्थान हासिल किया।
क्षमता देख तय करें पढ़ाई के घंटे : शताक्षी
शताक्षी का मानना है कि तैयारी के लिए कितने घंटे पढ़ाई की जाए, इसका निर्णय क्षमता के अनुसार छात्र को खुद करना चाहिए। शताक्षी ने बीते साल 95 फीसदी से इंटरमीडिएट किया है। पिता राजीव जैसवाल और मां रमा जैसवाल बताती हैं कि उन्होंने कभी भी शताक्क्षी को लगातार पढ़ने के लिए बाध्य नहीं किया।
पढ़ें और बुराइयों से लड़ें: कनिका
2015 में सीबीएसई 12वीं में आगरा टॉप कनिका मानती हैं कि पढ़ाई ही नहीं अब बुराइयों से लड़ने की भी जरूरत है। कहती हैं छेड़छाड़ एवं अन्य अपराधों से निपटने के लिए महिलाओं को तैयार होना पड़ेगा। इनके पिता नरेश सिंह और मां सीमा सिंह बेटी की सोच और सफलता पर गदगद हैं।
इंजीनियर नहीं, डाक्टर बनने का सपना
यूपीएसईई की परीक्षा में बेहतर रैंक पाने वाले अभ्यर्थियाें की पहली पसंद मेडिकल क्षेत्र है। विकल्प के तौर पर ये यूपीएसईई की परीक्षा में शामिल हुए। तीसरी रैंक पाने वाली शताक्षी बताती हैं कि वे एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। चौथी रैंक प्राप्त करने वाली कनिका ने तो नीट के पहले चरण में भाग भी लिया है। 24 वीं रैंक वाले ध्रुव मित्तल और 40वीं रैक पाने वाली एकता गौतम भी मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं।