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Agra : पेठा फैक्टरी के श्रमिक की बेटी बनी साध्वी, प्रयागराज में महाकुंभ से पूर्व जूना अखाड़े में ली दीक्षा

Wed, 08 Jan 2025 05:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, फतेहाबाद (आगरा)

सार

पेठा श्रमिक की बेटी राखी ने डौकी और कुंडौल में पढ़ाई की है। साध्वी बनी राखी के परिजन में इससे खुशी का माहौल है।
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कौशल गिरी महाराज के साथ राखी  - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रयागराज में महाकुंभ से पहले टरकपुरा गांव की राखी जूना अखाड़े की दीक्षा लेकर साध्वी बन गई है। पेठा श्रमिक की बेटी राखी ने डौकी और कुंडौल में पढ़ाई की है। साध्वी बनी राखी के परिजन में इससे खुशी का माहौल है।

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राखी के 65 वर्षीय दादा रोहतान सिंह धाकरे ने बताया कि बचपन से ही राखी पढ़ने लिखने में तेज रही है। पूजा पाठ में उसकी आस्था है। हम लोगों को यह जानकारी भाई ओम गिरी महाराज ने दी थी। रोहतान सिंह के साथ उनके पुत्र संदीप उर्फ दिनेश रहते हैं। वह पेठा फैक्टरी में काम करते हैं। संदीप की सबसे बड़ी बेटी राखी है, जबकि दूसरी बेटी निक्की सात साल की है।

विलासपुरा, हरियाणा में कौशल गिरी महाराज का आश्रम है। बरसों से परिवार उनसे जुड़ा हुआ है। गांव के काली मां मंदिर पर तीन साल से लगातार कथा हो रही है। तब से राखी का आध्यात्म की ओर झुकाव हो गया।
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दादी राधा देवी ने बताया कि राखी सिर्फ पढ़ाई और पूजा पाठ पर ही ध्यान देती थी। राखी के पिता संदीप उर्फ दिनेश ने बताया कि पुत्री राखी ने कक्षा एक से तीन तक कानपुर में अपने मामा के यहां पढ़ाई की थी। कक्षा 4 से 7 तक महादेव इंटर कॉलेज डौकी में पढ़ाई करने के बाद कक्षा 7 से 9 तक कुंडौल के स्प्रिंगफील्ड इंटर कॉलेज में पढ़ाई की है।

राखी शुरू से ही भक्ति में लीन रहने लगी। बहुत कम बोलती है। स्कूल से आकर खाना पीना खाकर अपने पूजा पाठ में लग जाती थी। सभी लोग प्रयागराज में 20 दिसंबर को गए थे। अचानक से बेटी राखी के मन में भक्ति जागृत हुई और अपनी स्वेच्छा से महाकुंभ जूना अखाड़े में दीक्षा लेकर शामिल हो गई। परिवार के लोगों ने काफी समझाया, लेकिन उसने मना कर दिया। राखी की मां रीमा सिंह धाकरे घरेलू महिला हैं।

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