मेधा है और कुछ कर जाने का जज्बा भी तो आर्थिक तंगी बाधा नहीं बन सकतीं। बोदला के शारदा विहार की पायल ऐसी ही होनहार बिटिया है, जिसने पापा के सपने को पूरा करने के लिए कसर नहीं छोड़ी। लगन की ऐसी कील ठोंकी कि हाईस्कूल में 88.16 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं।
ज्ञान इंटर कॉलेज, दहतौरा में पढ़ने वाली पायल ने बताया कि पिताजी कारगिल पेट्रोल पंप के पास मोची का कार्य करते हैं। इनकी मेहनत को देखकर ठान लिया कि खूब पढूंगी और बड़ी होकर पिता का नाम रोशन करूंगी। इसके लिए वे रोजाना 6- 8 घंटे पढ़ती हैं। भविष्य में वे शिक्षक बनना चाहती हैं। पिता जीतू बोले कि चार बेटी, दो बेटे हैं। घंटों जूतों के कार्य कर 10-12 हजार कमा लेता हूं।
छह बच्चों की पढ़ाई और परिवार का खर्च बमुश्किल चलता है। कई बार फीस भरने की भी दिक्कत आई। लगा कि किसी बच्चे की पढ़ाई बीच में रोकनी पड़ेगी। बच्चों के पढ़ाई के प्रति हौसला देखते हुए मैंने ज्यादा मेहनत की, लेकिन पढ़ाई नहीं रुकने दी। बिटिया की मां आरती का कहना है कि बिटिया के अंक देखकर मेहनत, तंगी सब कुछ भूल गई हैं। भगवान से यही प्रार्थना है कि ऐसे ही बिटिया आगे बढ़ती रहे।