आगरा के थाना एत्मादपुर के गांव धरैरा में 32 बीघा जमीन को फर्जी मालिक बनकर बेचने की प्रारंभिक जांच में पुलिस को अहम जानकारी मिली है। जमीन का सौदा चार करोड़ में हुआ था। बैनामा से तीन दिन पहले ही बरहन में एक निजी बैंक में खाता खोला गया। चार से पांच खातों में रकम ट्रांसफर की गई। 1.60 करोड़ रुपये नकद लिए गए। पुलिस ने पांच खातों को फ्रीज कराया है। जमीन का मालिक बना फर्जी कृष्णा कौन है? उसके बारे में जानकारी की जा रही है।
पीड़ित कृष्णा तोमर का कहना है कि जमीन खरीदने वाले के तीन गवाह थे, जबकि बेचने वाले के दो। यह दो गवाह हाथरस के दिखाए गए। यह असली हैं या इनके भी फर्जी दस्तावेज लगाए? यह पुलिस की जांच में पता चल जाएगा। वहीं जो व्यक्ति कृष्णा तोमर बना? उसका फोटो बैनामे में साफ नजर नहीं आ रहा है। उसकी पहचान करना आसान नहीं है। ऐसा लग रहा है कि किसी मजदूर को खड़ा कर दिया गया।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि जमीन खरीदार दीपेश गुप्ता हैं। उन्होंने 10 करोड़ की जमीन कम कीमत में खरीदी है। जमीन को खरीदने में खरीदार भी जिम्मेदार है। उनके पास ही बिचौलिया आया। कृष्णा से मिलवाया। जमीन महंगी होने के बावजूद कम कीमत में मिलने की वजह होनी चाहिए? उन्होंने अपनी तहरीर में खरीदार को भी जिम्मेदार ठहराया था, लेकिन तहरीर बदलवा दी गई। तहसील कर्मियों ने भी जांच नहीं की। उनकी मिलीभगत के बिना बैनामा नहीं हो सकता। जमीन पर केसीसी ऋण भी चल रहा है। इसका भुगतान भी नहीं किया गया।
परिवार का आरोप है कि नीतू की मौत के जिम्मेदार आरोपी भी हैं। नीतू की आत्महत्या से एक दिन पहले ही जमीन को फर्जी तरीके से बेचने का पता चला था। इससे नीतू सदमे में आ गई थी। उसे लगा कि जमीन बिक गई तो घर का खर्च कैसे चलेगा? उसकी शादी के लिए भी रकम इकट्ठा की जानी थी। कृष्णा तोमर ने बहन की मौत के मामले में भी मुकदमा दर्ज करने की मांग की।