आगरा। विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। आरोपियों की जानकारी प्रतिबिंब पोर्टल पर भी डाली जाएगी। इससे यह पता चल सकेगा कि उन्होंने कितनी जगह और किस तरह का अपराध किया है।
आरोपियों के बैंक खातों को चेक किया जा रहा है। मोबाइल का डाटा भी चेक किया जाएगा। साइबर सेल की टीम इसके लिए लगाई गई है। थाना हरीपर्वत पुलिस ने शुक्रवार को फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी से दिल्ली के थाना मधु विहार निवासी अंकित गुप्ता और रजनी कांत उर्फ लल्ला, ज्योति कॉलोनी शहादरा निवासी विजय कुमार, थाना मंडावली निवासी विशाल मेहता, दुर्गा गली बाबरपुर शहादरा निवासी राजेश शर्मा, बलवीर एक्सटेंशन निवासी नवनीत जैन और गाजियाबाद के थाना नंदग्राम निवासी हेमंत शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
आरोपी लोगों को विदेश में नौकरी का झांसा देते थे। वीजा दिलवाने के नाम पर 45000 रुपये तक ले लेते थे। फर्जी ऑफर लेटर और वीजा बना कर देते थे। जब तक लोगों को पता चलता था तब तक आरोपी ऑफिस बंद कर भाग जाते थे। उन्होंने 12 से अधिक राज्यों के तकरीबन 1500 लोगों से तीन करोड़ की ठगी की है। यह बात पुलिस की पड़ताल में सामने आई है।
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। प्रतिबिंब पोर्टल पर साइबर अपराधियों का डाटा दर्ज होता है। इन आरोपियों का भी डाटा पोर्टल पर डाला जाएगा। जो भी पीड़ित सामने आएगा उनके नाम केस में जुड़ते जाएंगे, जिससे उन्हें गवाह बनाया जा सके।