रबी की फसल की बुवाई की तैयारियों के बीच किसानों के सामने डीएपी खाद की किल्लत है। खाद न मिलने से परेशान किसान बुवाई शुरू नहीं कर पा रहे हैं। बुधवार को किसान डीएपी खाद लेने के लिए रेलवे रोड स्थित सहकारी क्रय विक्रय समिति पर सुबह 6 बजे ही पहुंच गए और लाइन लगाकर खड़े हो गए। सुबह 9 बजे तक गेट न खुलने पर किसानों ने हंगामा किया और विरोध दर्ज कराया।
किसानों का कहना है कि समितियों पर खाद कम आने की वजह से उन्हें आए दिन लंबी लाइनों में लगना पड़ता है। फिर भी खाद नहीं मिल पाती। कई किसानों को बिना खाद लिए ही वापस घर लौटना पड़ रहा है। उनके खेत रबी की फसल के लिए तैयार हैं, लेकिन डीएपी न मिलने से बुवाई में देरी हो रही है, जिसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा और उत्पादन कम हो सकता है।
फार्मर रजिस्ट्री न होने से परेशानी
बुधवार को कुछ किसान फर्द लेकर तो पहुंचे, लेकिन उनके पास फार्मर रजिस्ट्री की प्रति नहीं थी। इस कारण उन्हें खाद नहीं मिल पाई। खाद न मिलने पर किसानों में असंतोष फैल गया और कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
समिति का दावा- 500 बोरी स्टॉक में
सहकारी क्रय विक्रय समिति के सचिव राजकुमार सिंह सोलंकी ने बताया कि स्टॉक में 500 बोरी डीएपी मौजूद है। उन्होंने स्वीकार किया कि भीड़ अधिक होने के कारण अव्यवस्था हो रही है और आश्वासन दिया कि समिति पर खाद का वितरण पारदर्शिता से किया जाएगा।
आजकल रबी की बुवाई चल रही है इसलिए डीएपी की आवश्यकता है। जिस समिति पर जाते हैं, वहां खाद खत्म होने का बोर्ड लग जाता है। दिनभर लाइन में लगे, लेकिन खाद नहीं मिली।
-पंडित किशन चंद्र, मियूनी
डीएपी की बहुत किल्लत है। खाद नहीं मिल पा रही है। समिति पर 500 बोरी खाद आई, लेकिन 2 हजार किसान पहुंच गए। सैकड़ों का नंबर ही नहीं आया। - प्रेम चंद्र, मझोला