शासन के फरमान के बाद आगरा की नई टाउनशिप, ताज महोत्सव, फसाड लाइटिंग और सौंदर्यीकरण सहित कई कार्यों में देरी हो सकती है। आईएएस रितु माहेश्वरी का तबादला होने के बाद यह बात कही जा रही है।
शासन के एक फरमान से आगरा के नोएडा बनने का ख्वाब पूरा होने पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। 2003 बैच की आईएएस रितु माहेश्वरी का तबादला होने के बाद यह बात कही जा रही है। सोमवार को उनकी जगह मथुरा में डीएम रहे शैलेंद्र कुमार नए मंडलायुक्त के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे।
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नोएडा प्राधिकरण के सीईओ पद से 19 जुलाई 2023 को आईएएस रितु माहेश्वरी का तबादला आगरा मंडल की आयुक्त के रूप में हुआ था। चार्ज संभालने के बाद उनका शहर की सफाई से लेकर सौंदर्यीकरण पर खासा जोर रहा। पर्यटन नगरी में उन्होंने सबसे पहली मॉडल रोड बनवाईं।
ताजमहल पर पर्यटक सुविधाएं बढ़वाई। विदेशी पर्यटकों का रात्रि प्रवास बढ़ाने से लेकर आगरा किला, सीकरी में लाइट एंड साउंड शो शुरू कराने की नींव रखी। उनके कार्यकाल में करीब चार दशक बाद आवासीय योजना आई। ककुआ और भांडई में नई टाउनशिप का खाका खींचा।
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पार्कों का सौंदर्यीकरण, सदर में लाइब्रेरी, इनर रिंग रोड पर लैंड पार्सल जैसी एक दर्जन से अधिक योजनाएं धरातल पर उतरने वाली थीं कि अचानक तबादला हो गया। सिविल सोसाइटी के सचिव अनिल शर्मा का कहना है कि आगरा में हुए कार्य शासन को रास नहीं आए। इससे विकास कार्यों की लय बिगड़ सकती है। रितु माहेश्वरी की जगह पीसीएस से पदोन्नत होकर 2009 में आईएएस बने शैलेंद्र कुमार को नया मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है। सेवानिवृत्ति में एक साल बचा है।
ऐसे में नवागत मंडलायुक्त के समक्ष कई चुनौतियां भी रहेंगी। एक तरफ अधूरी पड़े विकास कार्यों का अमली जामा पहनाना होगा। दूसरी तरफ आगरा विकास प्राधिकरण व नगर निगम व प्रशासन में भ्रष्टाचार पर लगाम लगानी होगी।