मथुरा के गोवर्धन स्थित प्रसिद्ध गिरिराज दानघाटी मंदिर की भेंट पूजा का ठेका शुक्रवार को नहीं उठा। ठेके की शर्तें मानने को ठेकेदार तैयार नहीं हुए। अब मंदिर की प्रशासनिक समिति ने एक नवंबर से मंदिर में श्रद्धालुओं को दिनभर दर्शन कराने का निर्णय लिया है, लेकिन श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मार्ग से ही श्रद्धालु गिरिराज महाराज के दर्शन कर सकेंगे। गर्भगृह के तीनों गेट सुबह साढ़े चार बजे से रात 11 बजे तक खुले रहेंगे।
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गोवर्धन दानघाटी गिरिराज जी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
सिविल जज के न्यायालय में गिरिराज दानघाटी मंदिर का एक माह का ठेका शुक्रवार को होना था। मंदिर के मुनीम अशोक कौशिक ने बताया कि न्यायालय की शर्तों के अनुसार न्यूनतम सरकारी बोली पचास लाख रुपये रखी गई थी। इस पर मंदिर सेवायतों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि पचास लाख की राशि बहुत अधिक है, इस राशि को कम किया जाए।
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गोवर्धन स्थित दानघाटी मंदिर
- फोटो : Amar Ujala
सेवायतों ने कहा कि कोरोना के कारण श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम है। इसलिए बोली कम राशि से लगाई जाए। इस बात पर सहमति नहीं बनी। इसलिए भेंट पूजा का ठेका नहीं हो सका।
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गोवर्धन स्थित दानघाटी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर के मुनीम ने बताया कि सितंबर माह से मंदिर के गर्भगृह के तीन गेट शाम पांच बजे से सात बजे तक खोले जा रहे थे। श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा। श्रद्धालु मार्ग से ही दर्शन कर रहे हैं।
गिरिराज दानघाटी मंदिर की प्रशासनिक समिति ने निर्णय लिया है कि अब एक नवंबर से गर्भगृह के तीनों गेट सुबह साढ़े चार बजे से रात 11 बजे तक खुले रहेंगे। श्रद्धालु मार्ग से ही दर्शन कर सकेंगे।