एटा जिले में उत्तर प्रदेश परिहवन निगम की बसों के रंग में रंगकर प्राइवेट बसों द्वारा की जा रही डग्गेमारी से निगम को प्रतिमाह लगभग एक करोड़ रुपये की चपत लगाई जा रही है। निगम द्वारा डग्गामार बसों की सूची मय नंबर के एआरटीओ को भेजी जा चुकी है। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं होने से सवालिया निशान लग रहे हैं।
यात्रियों को गुमराह करने के लिए परिवहन निगम की बसों के रंग में प्राइवेट बसों को रंग दिया गया है। यात्री रोडवेज और डग्गामार बस में फर्क नहीं कर पा रहे हैं। रोडवेज की जगह प्राइवेट बसों में यात्री सवार हो जाते हैं।
इन्हीं यात्रियों से प्रति माह परिवहन निगम को लगभग एक करोड़ रुपये की राजस्व हानि हो रही है। इस संबंध में निगम के जिम्मेदारों ने 12 बसों के नंबर सहित सूची एआरटीओ प्रवर्तक को भेजी है। तीन माह बीत जाने के बाद भी डग्गेमारी करने वाले बस संचालकों पर कार्रवाई नहीं हो सकी है।
एआरएम मदन लाल ने कहा कि जिला मुख्यालय से एटा-आगरा रोड पर परिवहन निगम की बसों के रंग में रंगकर 12 बस संचालित हो रही है। जिनके खिलाफ कार्रवाई के लिए एआरटीओ प्रवर्त को लिखा जा चुका है। इन बसों से प्रति दिन तीन लाख रुपये विभाग को राजस्व हानि हो रही है।