बाह। पुरा जसोल गांव में 22 अगस्त की रात गैस सिलिंडर हादसे में 14 लोग झुलसे थे। हादसे में झुलसे उमाशंकर (55) की रविवार की सुबह सांसें थम गईं। इससे अब तक मृतकों की संख्या 9 हो गई।
हादसे के दौरान लपटों में घिरकर झुलसे जितेंद्र (44) की 24 अगस्त को मौत हुई थी। 27 अगस्त को उसकी चाची केशर देवी (62), चचेरे भाई देवेंद्र प्रकाश (43) की मौत हो गई थी। 28 अगस्त को जितेंद्र के पिता भागीरथ (65), बेटी कुमकुम (17) ने दम तोड़ दिया था। 30 अगस्त को जितेंद्र की बहन प्रीती (32), चचेरे भाई सुरेंद्र (40), आनंद प्रकाश (39) की जान चली गई थी। रविवार की सुबह उमाशंकर (55) की सांसे थम गई। उनकी पत्नी चंद्रवती देवी दिल्ली के सफदर जंग हॉस्पिटल की बर्न यूनिट में जिंदगी के लिए जूझ रही हैं। हादसे में उनका इकलौता बेटा अभिलाख भी झुलसा था। रविवार की रात मृतक उमाशंकर का दिल्ली से घर पर पहुंचा तो पुरा जसोल गांव मातम में डूब गया है। शव देख कर परिजन बेसुध हो गए। हृदय विदारक हादसे के मंजर के गवाह गांव के लोग अब भी सहमे हुए हैं।