साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। आगरा में पब्लिक सेक्टर यूनिट के सेवानिवृत्त जीएम के मोबाइल पर पेन कार्ड अपडेट करने का मैसेज भेजा गया। उसमें एक लिंक भी था। शातिरों ने लिंक पर क्लिक कराकर खाते की जानकारी भरवा ली। इसके बाद कॉल करके ओटीपी भी पूछा और खाते की नेटबैंकिंग चालू कर 6.14 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने रेंज साइबर थाना में मुकदमा दर्ज कराया है।
पुलिस के मुताबिक, छत्ता के सिंगी गली रामकृष्ण गुप्ता एक पब्लिक सेक्टर यूनिट कंपनी के सेवानिवृत्त जनरल मैनेजर हैं। दो महीने पहले उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। इसमें पेन कार्ड अपडेट करने के बारे में लिखा था। मैसेज में एक लिंक दिया था। लिंक पर क्लिक करते ही वेब पेज खुल गया।
शातिर ने कॉल कर पूछा ओटीपी
वेब पेज पर उन्हें अपनी और खाते से संबंधित जानकारी भरनी थी। इस पर उन्होंने जानकारी भर दी। इसके बाद एक व्यक्ति ने कॉल करके बात की। उनसे ओटीपी पूछ लिया। साइबर अपराधियों ने उनके खाते में नेट बैंकिंग चालू करने के बाद तीन बार में 6.14 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। बैंक से मैसेज आने पर रामकृष्ण गुप्ता को जानकारी हुई। उन्होंने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है।
थाना प्रभारी निरीक्षक आकाश सिंह ने बताया कि मामले में विवेचना की जा रही है। जिस नंबर से मैसेज भेजा गया, उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। खातों की डिटेल निकलवाई जा रही है।
अंजान नंबर से कॉल और मैसेज भेजने वालों से सावधान
साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक, अंजान नंबर से अगर, कोई काल करता है, मैसेज भेजता है तो सावधान रहने की जरूरत है। साइबर अपराधी लोन दिलाने, पेन कार्ड अपडेट करने, खाता बंद होने, आधार कार्ड अपडेट, बिजली का बिल भरने आदि का झांसा देते है। इसके बाद लिंक भेजकर खाते की जानकारी लेकर रकम निकाल लेते हैं।
अंजान नंबर से कॉल और मैसेज करने वालों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। इन नंबर की लिंक पर क्लिक नहीं करें। खाते की जानकारी नहीं भरनी चाहिए। संबंधित विभाग के कार्यालय में ही जाकर जानकारी देनी चाहिए।