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एक्सक्लूसिव : नाइजीरियन गिरोह ने आठ साल में की 560 करोड़ की ठगी, ऐसे बनाया लोगों को शिकार

Thu, 03 Sep 2020 04:24 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • नाइजीरियन गिरोह ने अपने देश के बैंक में ट्रांसफर किए थे 560 करोड़ रुपये
  • आठ साल में यूएस डॉलर में बदलकर भेजी गई थी रकम, गिरोह पकड़ा, पर बरामदगी जीरो
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साइबर क्राइम(सांकेतिक)
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विस्तार
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सरकारी संस्थान की फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करने वाले नाइजीरियन गिरोह का सरगना जॉन स्टेनले फरार है। उसके अपने देश भागने की आशंका है। आगरा रेंज की साइबर सेल की जांच में पता चला है कि गिरोह के सदस्य गुड्स टाइम संडे उर्फ बेंशन ने आठ साल में 560 करोड़ रुपये अपने देश के बैंक में भेजे थे। 
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इस रकम को भारतीय रुपये से यूएस डॉलर में बदलकर ट्रांसफर कराया गया था। गुड्स टाइम के लैपटॉप की जांच में यह तथ्य सामने आया है। बैंक के सैकड़ों ईमेल और मैसेज लैपटॉप में पुलिस को मिले हैं। पुलिस रकम की बरामदगी नहीं कर सकी है।


आगरा रेंज की साइबर सेल ने 13 अगस्त को गिरोह का खुलासा किया था। नाइजीरिया के गुड्स टाइम संडे उर्फ बेंशन, गाजियाबाद के तरुण यादव, संभल के आसिफ और जसपाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। गुड्स टाइम संडे पढ़ाई करने भारत आया था। वह ग्राफिक डिजायनर बन गया। इसके बाद वेबसाइट बनाने लगा। 
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वह अपने देश के जॉन स्टेनले के साथ काम करने लगा। इसके बाद बीमा नियामक प्राधिकरण की फर्जी वेबसाइट बना ली। गिरोह ने अर्जुन नगर निवासी प्रताप सिंह चाहर से सवा करोड़ से अधिक ठग लिए थे। साइबर सेल के मुताबिक, गिरोह कई और सरकारी संस्थान की वेबसाइट बनाकर लोगों से ठगी कर रहा था।

सरकारी संस्थानों की फर्जी वेबसाइट बना रहे

साइबर सेल की जांच में पता चला कि नाइजीरियन गिरोह का सरगना जॉन स्टेनले भारत छोड़कर जा चुका है। वह आठ साल पहले आया था। तब से साइबर ठगी कर रहा था। उसका गिरोह इंटरनेट पर बीमा नियामक प्राधिकरण, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, पासपोर्ट तक की फर्जी वेबसाइट बना रहा था। इन वेबसाइट पर जो लोग सर्च करते थे, उनको फंसा लेते थे।

चार राज्यों में पकड़ा गया नाइजीरियन गिरोह

साइबर सेल के मुताबिक, नाइजीरियन गिरोह की एक के बाद एक कई वारदात सामने आने के बाद देश के अलग-अलग राज्यों में पुलिस टीम को लगाया गया। एक साल के अंदर चार जगह गिरोह पकड़े गए। इनमें 11 नाइजीरियन भी शामिल थे। हैदराबाद में पांच, आगरा में एक, गुरुग्राम में दो और अहमदाबाद में तीन नाइजीरियन पकड़े गए। 
 
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ये बड़े मामले आए सामने 

साइबर सेल के मुताबिक, आगरा के शाहगंज निवासी प्रताप सिंह चाहर से बीमा की धनराशि दिलाने के नाम पर सवा करोड़ रुपये ले लिए थे। उन्होंने बीमा नियामक प्राधिकरण की वेबसाइट सर्च की थी। गिरोह की फर्जी वेबसाइट पर क्लिक करने पर फंस गए। सवा साल पहले मैनपुरी के एक कारोबारी को इंडियन ऑयल की फर्जी वेबसाइट पर क्लिक करने के बाद फंसा लिया गया था। उनसे 53 लाख रुपये की ठगी की गई थी। फैजाबाद में पासपार्ट की फर्जी वेबसाइट बना एक व्यक्ति को ठगा गया था। तीन लाख रुपये लिए गए थे।

'साइबर अपराध से ऐसे बचें'

आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को तमाम लुभावने प्रस्ताव देकर फंसाते हैं, इसलिए इन प्रस्ताव से दूरी बनाकर रखें। नाइजीरियन गिरोह भी यही करता था। लेकिन, अब गिरोह पकड़ा गया है। उनसे कई जानकारियां मिलीं हैं। गिरोह के सदस्यों ने विदेशी बैंक में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए हैं। बैंक से रकम के बारे में जानकारी के लिए विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ईमेल के माध्यम से संपर्क किया जाएगा।
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