साइबर अपराधियों ने ओएलएक्स पर सस्ते में बुलेट बाइक बेचने का विज्ञापन देकर एक किसान को फंसा लिया। इसके बाद सैन्य कर्मी बताकर 21 हजार रुपये पेटीएम से ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित किसान ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत की है।
बरहन निवासी धर्मेंद्र ने कुछ दिन पहले ओएलएक्स पर एक बुलेट बाइक का विज्ञापन देखा था। उन्होंने विज्ञापन में लिखे नंबर पर कॉल किया। कॉल रिसीव करने वाले ने कहा कि मैं सेना में कार्यरत हूं। मेरा तबादला हो गया है। इस कारण बुलेट बेचना चाहता हूं। बुलेट एक साल पहले ही खरीदी थी। 1.50 लाख की बुलेट को 75 हजार रुपये में दे दूंगा। इस पर धर्मेंद्र को विश्वास हो गया।
उसने धर्मेंद्र का व्हाट्सएप नंबर ले लिया। इसके बाद बुलेट के फोटो और अपने फोटो भेज दिए। उसके फोटो सेना की वर्दी में थे। इसके बाद कुरियर से बाइक भेजने के लिए रुपयों की मांग की। धर्मेंद्र ने दो बार पेटीएम कर 21 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। मगर, तीन दिन बाद भी बुलट नहीं आई। इस पर उन्होंने कॉल किया, लेकिन लगा नहीं। धर्मेंद्र का कहना है कि अब नंबर नहीं लग रहा है। बुधवार को साइबर क्राइम सेल में शिकायत की।
फेसबुक आईडी हैक कर दोस्तों से मांगे रुपये
डौकी क्षेत्र के एक युवक की फेसबुक आईडी हैक कर ली गई। इसके बाद दोस्तों को मेसेज करके रुपयों की मांग की गई। एक दोस्त ने युवक के मोबाइल पर कॉल कर दिया। इसका पता चलने पर युवक ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत की है।
युवक का कहना था कि दस दिन पहले आईडी हैक की गई थी। इसके बाद दोस्तों को मेसेंजर के माध्यम से मेसेज किए गए। उनसे रुपयों की मांग की गई। एक दोस्त ने उसे कॉल करके पूछ लिया। इस पर पता चला गया। अब आईडी खुल नहीं रही है। साइबर सेल में शिकायत के बाद आईडी को बंद करा दिया गया।
पहले भी आ चुके हैं मामले
शहर में ओएलएक्स पर विज्ञापन देकर धोखाधड़ी के मामले पहले भी आ चुके हैं। साइबर अपराधी ओएलएक्स पर बाइक, कार, सोफा, एसी, फ्रिज आदि का विज्ञापन देते हैं। इनकी कीमत आधे से भी कम रखते हैं। खुद को सैन्य अधिकारी बताते हैं। इसके बाद फोटो व्हाट्स एप पर भेजते हैं। इससे लोग सही समझ लेते हैं। इससे धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। विज्ञापन की जानकारी लें
साइबर सेल एक्सपर्ट के मुताबिक, ओएलएक्स पर विज्ञापन देखकर उसकी सत्यता की जांच करें। सामान आने पर ही पैसा ट्रांसफर करना चाहिए। व्हाट्स एप पर फोटो पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
खाते से निकली रकम, भटकने को मजबूर
ट्रांसयमुना कॉलोनी निवासी पायल कारीगर चंद्रशेखर का 28 दिसंबर को एटीएम केबिन में मदद का झांसा देकर तीन युवकों ने एटीएम कार्ड बदल दिया था। इसके बाद खाते से 25 हजार रुपये निकाल लिए थे। 32 हजार की आनलाइन शॉपिंग कर ली गई थी। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। चंद्रशेखर का आरोप है कि सुनवाई नहीं हो रही है। वह थाने से लेकर साइबर सेल के चक्कर काट चुका है।
वहीं सिकंदरा क्षेत्र की शिक्षिका राखी के मोबाइल पर आठ जनवरी को एक कॉल आया था। कॉल करने वाले पेटीएम केवाईसी अपडेट के लिए एक एप डाउनलोड करा दिया था। इसके बाद पेटीएम से 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए थे। राखी ने जिला और रेंज साइबर सेल में शिकायत की। राखी का आरोप है कि साइबर अपराधियों की कोई डिटेल नहीं मिली है। आज तक मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है। वह भटकने को मजबूर हैं।