उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि बच्चे मोबाइल पर गेम खेलते हैं। रिवार्ड के लिए काॅइन लेते हैं। इसके लिए रकम अदा करनी होती है। इन गेम के माध्यम से साइबर अपराधी जुड़े रहते हैं। वह मोबाइल पर लिंक भेजते हैं। अगर कोई व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है तो मोबाइल हैक हो जाता है। निजी जानकारी लेकर ब्लैकमेल करने लगते हैं इसलिए बच्चे सावधान रहें। ऑनलाइन गेम से दूरी बनाकर रखें।
एसीपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर कोई कंटेंट, फोटो और वीडियो साझा करने पर हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाता है। फिर चाहें आप उसे अपने मोबाइल और आईडी से ही क्यों न हटा देते हों। इसलिए ऐसा कोई काम न करें कि जिससे पुलिस कार्रवाई हो जाए। किसी को ऐसा संदेश न भेजें, जिससे उसको किसी तरह की परेशानी हो। पुलिस शिकायत मिलने पर आईडी की जानकारी निकालकर कार्रवाई कर सकती है।
विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
पुलिस की पाठशाला में विद्यार्थियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली, अपराध और अपराधियों से बचने के बारे में सवाल किए। इस पर एसीपी ने सवालों के सरल अंदाज में जवाब दिए। सवाल पूछने वाले विद्यार्थियों सुहानी अग्रवाल, शाैर्य शर्मा, शिवांग सिंह, गीतांजलि, सम्यक जैन, अग्रिमा, श्रेयसि पचाैरी, निमिशा, जतिन को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुस्तकें प्रदान की गईं। इस अवसर पर प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ ने कहा कि पुलिस की पाठशाला का आयोजन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। शिक्षिका प्राची उपाध्याय, सुप्रीत काैर, अनुपम तिवारी, टीकाराम, थापा, रोहित शर्मा, नीलम परमार, नीलम उप्रेती, सिमरन काैर, हरप्रीत, कोमल भगतानी, दीपिका शर्मा, अंजलि जॉली आदि माैजूद रहीं।