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UP: साइबर ठगों से पूरा पैसा आ जाएगा वापस! ठगी का शिकार हो जाएं तो...इस नंबर पर करें कॉल, तुरंत मिलेगी मदद

Sat, 20 Dec 2025 01:15 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया। इसके साथ ही बताया कि ठगी होने के बाद क्या करना है। 

 
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एसीपी सुकन्या शर्मा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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साइबर अपराधी किसी न किसी बहाने से लोगों को काॅल करते हैं। कभी परिचित बन जाते हैं तो कभी खुद को बैंक अधिकारी बताते हैं। दोस्ती करते हैं और सोशल मीडिया पर तरह-तरह के प्रलोभन देकर जाल में फंसाते हैं। लिंक भेजकर मोबाइल हैक कर लेते हैं। निजी जानकारी ले लेते हैं। इसके बाद ब्लैकमेल करते हैं। खातों में रकम जमा करा लेते हैं। इसलिए लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।
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सोशल मीडिया पर अनजान दोस्त न बनाएं। फोन करके कोई व्यक्ति दोस्ती करता है, गिफ्ट का लालच देता है। खुद को बैंक और पुलिस अधिकारी बताकर रुपये मांगता है तो झांसे में नहीं आएं। जागरूक रहेंगे तो साइबर अपराध से बचे रहेंगे। ये बाते एसीपी सैंया डाॅ. सुकन्या शर्मा ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में कहीं।


 

उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि बच्चे मोबाइल पर गेम खेलते हैं। रिवार्ड के लिए काॅइन लेते हैं। इसके लिए रकम अदा करनी होती है। इन गेम के माध्यम से साइबर अपराधी जुड़े रहते हैं। वह मोबाइल पर लिंक भेजते हैं। अगर कोई व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है तो मोबाइल हैक हो जाता है। निजी जानकारी लेकर ब्लैकमेल करने लगते हैं इसलिए बच्चे सावधान रहें। ऑनलाइन गेम से दूरी बनाकर रखें।

 

एसीपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर कोई कंटेंट, फोटो और वीडियो साझा करने पर हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाता है। फिर चाहें आप उसे अपने मोबाइल और आईडी से ही क्यों न हटा देते हों। इसलिए ऐसा कोई काम न करें कि जिससे पुलिस कार्रवाई हो जाए। किसी को ऐसा संदेश न भेजें, जिससे उसको किसी तरह की परेशानी हो। पुलिस शिकायत मिलने पर आईडी की जानकारी निकालकर कार्रवाई कर सकती है।


 

1930 पर करें शिकायत
एसीपी ने बताया कि साइबर अपराध होने पर साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल काॅल करनी चाहिए। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाएगी, उतनी ज्यादा रकम वापसी की उम्मीद रहती है। पुलिस खातों की जानकारी लेती है। कॉल करने वालों के बारे में पता कर लेती है। इसके बाद आरोपियों को पकड़ा जाता है। पुलिस की तत्काल सहायता के लिए कंट्रोल रूम के नंबर 112 पर काॅल करें।
 
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विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
पुलिस की पाठशाला में विद्यार्थियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली, अपराध और अपराधियों से बचने के बारे में सवाल किए। इस पर एसीपी ने सवालों के सरल अंदाज में जवाब दिए। सवाल पूछने वाले विद्यार्थियों सुहानी अग्रवाल, शाैर्य शर्मा, शिवांग सिंह, गीतांजलि, सम्यक जैन, अग्रिमा, श्रेयसि पचाैरी, निमिशा, जतिन को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुस्तकें प्रदान की गईं। इस अवसर पर प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ ने कहा कि पुलिस की पाठशाला का आयोजन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। शिक्षिका प्राची उपाध्याय, सुप्रीत काैर, अनुपम तिवारी, टीकाराम, थापा, रोहित शर्मा, नीलम परमार, नीलम उप्रेती, सिमरन काैर, हरप्रीत, कोमल भगतानी, दीपिका शर्मा, अंजलि जॉली आदि माैजूद रहीं।


 
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