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सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी को साइबर अपराधियों ने बनाया 'निशाना', ऐसे बचे साढ़े दस लाख रुपये

Fri, 12 Jun 2020 12:24 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

साइबर अपराधियों का एक खाता कराया था फ्रीज, इसी में थी रकम, कोर्ट ने दिया रकम देने का आदेश 
 
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साइबर क्राइम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल को साइबर अपराधियों ने जाल में फंसाकर 10.50 लाख रुपये खाते में जमा करा लिए। रेंज साइबर सेल की सक्रियता से यह रकम खाते में पहुंचने के बाद भी बच गई। अब उन्हें कोर्ट के आदेश पर यह रकम मिलेगी। सेवानिवृत्त अधिकारी ने आईजी को मेल भेजकर आभार जताया। प्रमुख सचिव गृह और एडीजी कानून व्यवस्था को मेल भेजकर टीम की तारीफ की है। 
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नई दिल्ली के ग्रेटर कैलाश निवासी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल बलवीर सिंह संधू को साइबर अपराधियों ने माइनिंग कंपनी में निवेश के नाम पर झांसे में लिया था। दिसंबर, 2019 में सैंपल भेजने के नाम पर 10.50 लाख रुपये एक खाते में जमा करा लिए। सेवानिवृत्त अधिकारी को ठगी का पता चला तो उन्होंने बैंक से जानकारी की।

पता चला कि जिस खाते में रकम जमा हुई, उसे आगरा की रेंज साइबर सेल ने फ्रीज कराया है। उन्होंने दिल्ली के थाना ग्रेटर कैलाश में 23 अप्रैल को मुकदमा दर्ज कराया। आईजी ए सतीश गणेश से संपर्क किया। आईजी ने रेंज साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर शैलेश कुमार सिंह को मामला सौंप दिया। 
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सेवानिवृत्त अधिकारी ने खाते से रकम रिलीज कराने को कोर्ट में रिट दायर की। कोर्ट के मांगने पर रेंज साइबर सेल ने इसकी आख्या दे दी। अब कोर्ट ने फ्रीज खाते से सेवानिवृत्त अधिकारी की रकम रिलीज करने के आदेश दिए हैं। सेवानिवृत्त अधिकारी ने आईजी और उनकी टीम के रिस्पांस को देखते हुए ईमेल कर सराहना की है। 


मैनपुरी में शिक्षक दंपती से 54 लाख की ठगी के मामले में 35 से अधिक खाते फ्रीज कराए थे। इन्हीं में से एक खाते में सेवानिवृत्त अधिकारी की रकम जमा हुई थी। साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी में भी टीम लगी है। उनके बारे में पता चल गया है। -ए सतीश गणेश, आईजी
 
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