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फिरोजाबाद में बड़ा हादसा: बिजली का खंभा हाईटेंशन तारों से टकराया, करंट आने से तीन की मौत

Sun, 25 Jul 2021 09:18 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद

सार

घटना टूंडला थाना क्षेत्र के नगला सिंघी के गांव बास झरना की है। यहां कुछ लोग बिजली का खंभा लगा रहे थे। इसी दौरान हाईटेंशन लाइन के तारों से खंभा छू गया और उसमें करंट प्रवाहित हो गया। 
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टूंडला में हुए हादसे के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फिरोजाबाद जिले के थाना नगला सिंघी के बांस झरना (नगला बड़हरिया) में हाईटेंशन तारों को ऊंचा करने को ग्रामीणों द्वारा सीमेंटेड पोल खड़ा करने को दौरान पोल में करंट उतर आया। करंट से तीन युवकों की मौत हो गई और सात लोग गंभीर रूप से झुलस गए। गंभीर रूप से झुलसे युवकों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

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नगला बड़हरिया निवासी बांकेलाल की सबमर्सिबल पंप के निकट से गुजर रही 11 हजार की हाईटेंशन लाइन के झूलते तारों को ऊंचा करने लिए सीमेंटेड पोल लगाने के लिए रविवार सुबह ग्रामीण पहुंचे थे। ग्रामीणों ने सीमेटेंड पोल को सीधे किया तो वो हाईटेंशन तारों से छू गया और पोल में लगी सरियों से होकर करंट दौड़ हो गया। 

करंट से महाराज सिंह(32), केशव (28) एवं रामब्रज (22), धर्मेंद्र सिंह, सुशील कुमार, मुकेश कुमार, आशीष कुमार, वेदप्रकाश, सालिगराम और सुशांत कुमार गंभीर रूप से झुलस गए। गंभीर रूप से झुलसे युवकों को फिरोजाबाद जिला अस्पताल लाया गया, जहां महाराज सिंह, केशव, रामब्रज को मृत घोषित कर दिया गया। हादसे की जानकारी पर सीओ एवं तहसीलदार गांव में पहुंच गए। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया है। 
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टूंडला के क्षेत्राधिकारी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि करंट से गंभीर हादसा हुआ है। सूचना पर विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने मृतकों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 

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तीन मौतों के बाद गांव में मची चीत्कार
करंट से तीन युवकों की मौत के बाद गांव में चीत्कार मच गई। विवाहित युवकों ने अपने पीछे पत्नी के साथ छोटे-छोटे बच्चों को रोते-बिलखते छोड़ा है।  हादसे में केशव (28) पुत्र हरीशचंद्र की पत्नी किरन का रो-रोकर बुरा हाल है। वह अपने चार वर्षीय बेटा को गोद में थामे बिलख रही थी। 

वह कह रही थी कि अब किसे पापा बुलाएगा बेटा। बेटा बेसुध मां की गोद में बैठा था। महाराज सिंह (32) पुत्र नाथूराम की पत्नी भुरिया देवी की चीत्कार दूर से सुनाई दे रही थी। महाराज सिंह के तीन बेटियां है। इसमें राजकुमारी (आठ), मोटी कुमारी (पांच) नंदिनी (दो वर्ष) को उसने अपने पीछे छोड़ा है। 

हादसे का शिकार हुआ रामब्रज (22) पुत्र स्व. उमरपाल अविवाहित था। तीन भाई एवं एक बहन में वह सबसे बड़ा था। पिता की मौत के बाद घर के संचालन का भार रामब्रज पर ही था। रामब्रज और केशव दोनों बांकेलाल के यहां नग घिसाई का काम करते थे। वहीं महाराज सिंह फिरोजाबाद में कांच कारखाने में काम करता था। 
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