आगरा में सूबे के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने रविवार को सूरसदन में संस्कार भारती के समारोह में कहा कि संस्कृति विभाग में 2012 से 2017 तक सपा के लठैत कार्यकर्ताओं को कलाकार बना रखा था। हमने उन्हें निकाल कर विभिन्न विधाओं के 48 हजार कलाकारों को पंजीकृत किया है। सरकार भारतीय संस्कृति का संवर्द्धन कर रही है। हर घर तिरंगा संस्कृति विभाग की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
संस्कृति मंत्री ने कहा कि योगी सरकार 2.0 बनने के बाद उनके सामने एक पत्रावली आई। भारतीय ललित कला अकादमी के लिए 15 कलाकारों के नाम भेजने थे। उन्होंने पूछा कि इन कलाकारों का चयन कैसे हुआ। तो बताया गया कि यह विभाग में पहले से पंजीकृत हैं। इनकी संख्या करीब 2500 से 3000 होगी। मंत्री ने कहा जब हमने उस सूची का भाजपा जिलाध्यक्षों से सत्यापन कराया तो उनमें कोई कलाकार नहीं निकला। जिसके बाद हमने निर्णय लिया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन खोलिए। प्रदेश के सभी विधाओं के कलाकारों के रूप में 48 हजार पंजीकरण हुए हैं। उन्हें ए, बी और सी श्रेणी में बांटा है। उसी के अनुरूप मानदेय मिलेगा। उन्हीं कलाकारों के माध्यम से हर घर तिरंगा व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए हैं। उन्होंने कहा भारतीय संस्कृति को जोड़ने का काम गांव-देहात में होना चाहिए। पूर्व सरकारों में यही काम पश्चिमी सभ्यता के साथ सिर्फ लखनऊ तक सीमित था।
25 लाख से घटाकर 2.50 लाख किया खर्चा
संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा पहले जिन कार्यक्रमों पर पहले आईएएस, आईपीएस व उनकी पत्नियां व परिवार वाले कलाकारों के मानदेय पर 25-25 लाख रुपये खर्च किया करते थे। वहीं खर्च अब हम घटाकर 2 से 2.50 लाख रुपये में ले आए हैं। पहले जिस खर्च में एक कार्यक्रम होता था, अब उसी खर्च में देहात में 10-10, 15-15 कार्यक्रम हो रहे हैं।
भारतीय संस्कृति, शिल्प व कला विश्व में अनूठी- राज्यपाल
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने संस्कार भारतीय के समारोह को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा भारतीय संस्कृति, शिल्प और कला विश्व में अनूठी है। उन्होंने कहा कला की साधना हर कोई नहीं कर सकता। जो इस साधना को कर लेता है उसका जीवन सफल हो जाता है। यह मानना उस हर कलाकार का है जो चुनौतियों से जूझ कर अपनी कला का प्रदर्शन करता है।