कासगंज में दुलार संस्था के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बैम्बू लेडी नीरा शर्मा को सम्मानित करते ?
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कासगंज। गांव-गांव पहुंच गरीबों को प्राकृतिक उत्पादों से ज्वैलरी तैयार करने का हुनर सिखाकर उनके लिए रोजगार के द्वार खोलने वाली बैम्बू लेडी शुक्रवार को कासगंज पहुंची। वह दद्दा पब्लिक स्कूल में आयोजित दुलार संस्था के कार्यक्रम में शामिल हुईं। यहां उन्हें दुलार रत्न से सम्मानित किया गया।
बैम्बू लेडी नीरा शर्मा ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि प्राकृतिक उत्पादों की ज्वैलरी बनाने वाली महिला नीरा शर्मा असम की रहने वाली हैं। 20 साल पहले उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रयास किए तो पाया कि तमाम क्षेत्रों में गरीब लोग पैसे के लिए अपरिपक्व पेड़ कटवा देते हैं। नीरा शर्मा बताती हैं कि उस समय उन्होंने मन बनाया कि पेड़ों का संरक्षण कराया जाए और किस तरह पेड़ों से रोजगार दिया जाए। फिर धीरे धीरे पेड़ों की छाल, तना, बीजों से ज्वैलरी तैयार करना सीखा।
मुझे मोदी ने दिया बैम्बू लेडी का नाम - नीरा शर्मा
नीरा शर्मा ने बताया कि आकर्षक ज्वैलरी में बैम्बू(बांस) का अधिक प्रयोग होता है। इसलिए मैंने सबसे अधिक संरक्षण बांस के बागानों को देने के प्रयास किए। लगभग 13 साल पहले जब गुजरात में कई इलाकों में गरीब महिलाओं को हुनर सिखाने पहुंचे थे तो उस समय वहां के तत्कालीन मुख्यमंत्री और देश के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानकारी हुई तो उन्होंने बुलाकर हुनर के बारे में जानकारी ली और फिर बैम्बू लेडी का नाम दिया।